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पहले महीने में गर्भपात के बाद लक्षण कारण और निदान
Synopsis
जानें गर्भपात के कारण, गर्भपात के संकेत, गर्भपात के निदान, गर्भपात के प्रकार, गर्भपात के लक्षण, गर्भपात की वजह, गर्भपात को रोकने के प्राकृतिक तरीके
गर्भधारण करते ही जहां एक दम्पती फूला नहीं समाता है वहीं उसका पूरा परिवार खुशियों से चहकने
Side Effects of Abortion: बार-बार गर्भपात कराने के होते हैं कई स्वास्थ्य जोखिम, ये हैं इसके साइड एफेक्ट्स
गर्भपात कराने से गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) कमजोर हो सकता है, जिससे महिला के भविष्य में प्री-टर्म डिलीवरी का खतरा बढ़ जाता है.
गर्भपात कराने से गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) कमजोर हो सकता है, जिससे महिला
गर्भपात: लक्षण, कारण और इससे उबरना
In this article
गर्भपात क्या है?
गर्भपात होने के क्या लक्षण हैं?
गर्भपात किस वजह से होता है?
मिसकैरेज होना कितना आम है?
किन स्थितियों में गर्भपान होने का खतरा
गर्भावस्था के 20वें सप्ताह से पहले गर्भ में भ्रूण की मृत्यु हो जाएए तो उसे गर्भपात कहते हैं। इसे स्वतरू गर्भपात भी कहा जाता है। एक महिला में गर्भपात उसकी प्रेग्नेंसी की अवस्था पर निर्भर करता है। ये कई तरह के होते हैं। हर गर्भपात के लक्षण अलग.अलग हो सकते
Continue reading wordpress ago hindi 7 views हार्मोनल असंतुलन।
रोग प्रतिरोधक क्षमता या ब्लड क्लॉटिंग की समस्या।
थायरॉयड या मधुमेह जैसी समस्याएं।
गर्भ या गर्भाशय में किसी तरह की समस्या।
बहुत ज्यादा धूम्रपान
गर्भपात होने के विशेष कारण
क्रोमोजोम असामान्यता रू गर्भपात का एक कारण क्रोमोजोम का असामान्य होना भी है। व्यक्ति के शरीर में मौजूद छोटी.छोटी संरचनाओं को क्रोमोजोम कहते हैं। ये
जब तक डॉक्टर द्वारा सलाह नहीं दी जाती है, 6 महीने से कम उम्र के शिशुओं को केवल इन्फेंट फॉर्मूला दिया जाना चाहिए। 6 महीने के बाद, वे इन्फेंट फॉर्मूला लेना जारी रख सकते हैं। 12 महीने की उम्र के बाद, वे पूर्ण वसा वाला गाय का दूध पीना शुरू
Continue reading wordpress ago hindi 14 views ब्रेस्ट मिल्क (Breast Milk) कैसे फायदेमंद है?
मां के दूध बच्चे के लिए सबसे स्वस्थ और सुरक्षित होता है। यह सीधे तौर पर मां के साथ जुड़ा होता है। मां का खानपान और लाइफस्टाइल जितना अच्छा होता है स्तनों में दूध उतनी ही जल्दी बनता है और गुणवत्ता भी अच्छी होती
मां का दूध आसानी से पच जाता है जबकि फॉर्मूला और पाउडर मिल्क को पचाना मुश्किल होता है। इससे शिशु को कब्ज और गैस की परेशानी हो सकती है।
इन्फेंट फॉर्मूला ("स्टेज 1 फॉर्मूला") नवजात शिशुओं और 12 महीने से कम उम्र के शिशुओं के लिए उचित हैं। 6 महीने से
डॉक्टर्स द्वारा की जाने वाली रक्त-आधारित गर्भावस्था जांच अनुमानत: 99 प्रतिशत सही होती है और इससे hCG की उपस्थिति की जांच होती है। कुछ जांचों से hCG के लेवल का पता चलता है, जिससे यह संकेत मिलता है कि गर्भावस्था कितने समय से है।
Continue reading wordpress ago hindi 12 views- कई बार प्रेगनेंसी किट भी गलत परिणाम दे सकते हैं। जैसे कि आप गर्भवती हों लेकिन आपके मूत्र में एचसीजी हार्मोन की मात्रा उतनी ना हो कि जांच में उसकी मौजूदगी का पता चल सके। एचसीजी की मात्रा कम होने पर गर्भवती होने के बावजूद भी रिजल्ट नेगेटिव आ
Continue reading wordpress ago hindi 14 viewsLorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravida odio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequat. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat. Donec congue commodo mi, sed commodo velit fringilla ac. Fusce placerat venenatis mi.
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