Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
आमतौर पर चावल या दाल का पानी सबसे पहले खिलाया जाता है। बच्चे को मसलकर चावल खिलाना शुरू करें। पहले उसे बहुत थोड़ी मात्रा दें और फिर जब वह खाने लगे तो उसकी मात्रा बढ़ाएं।
बच्चों को उबला हुआ पानी पिलाएं।
उनका भोजन साफ
शिशुओं के लिये आहार. Foods for Toddlers
छोटे बच्चे 4-5 महिने तक सिर्फ दूध पीते हैं तब तक मां को सोचना ही नहीं पड़ता कि बच्चे के लिये खाने में क्या बनाया जाय. डाक्टर 5 या 6 माह के बाद बच्चे को ठोस आहार देने की सलाह देते हैं, बच्चे
बच्चे की रंगत निखारने के लिए घर पर ही आजमाएं ये आसान तरीके
आप अपने बच्चे की डाइट का खूब ख्याल रखती होंगी। क्या कभी आपने उसकी स्किन की ओर ध्यान दिया है?
home remedies for fair skin for babies in hindi
बच्चे की रंगत निखारने के लिए घर पर
बच्चों की अच्छी फिजिकल और मेंटल ग्रोथ के लिए उन्हें रोजाना दे सकते हैं ये Protein Powder
यहां आपको Protein Powder For Kids बहुत ही कम कीमत में खरीदने का मौका दिया जा रहा है। इनमें भारी मात्रा में प्रोटीन, विटामिंस मिनिरल्स है। ये बच्चों के ओवरऑल हेल्थ के लिए फायदेमंद
शिशु को कब और कितना पिलाना चाहिए पानी
शिशु को पानी पिलाने की एक निर्धारित उम्र होती है। जिस तरह छह महीने से पहले बच्चे को ठोस आहार नहीं दिया जाता है, उसी तरह शिशु को पानी पिलाने का सही समय बताया गया है।
water to babies
स्तनपान करने वाले बच्चों को अलग
सामान्यतः सिजेरियन डिलीवरी में 11 से 12 टांके आते हैं. लेकिन फिर भी, टांकों की संख्या कुछ बातों पर निर्भर करती है जैसे- आपका बेबी कितना हेल्दी है, ऑपरेशन के लिए डॉक्टर आपके पेट पर कितना बड़ा चीरा लगाते हैं आदि.
Continue reading wordpress ago hindi 15 views बच्चेदानी (यूट्रस) के ऑपरेशन के बाद खान-पान से जुड़ी इन 7 बातों का रखें ध्यान , तेजी से होगी रिकवरी
बच्चेदानी निकलवाने के साइड इफेक्ट आपके शरीर पर कम हो और आपकी रिकवरी तेजी से हो, इसके लिए आपको अपनी डाइट इन बातों को खास ध्यान रखना चाहिए।
बच्चेदानी (यूट्रस)
बच्चेदानी के बाहर खिसकने का कारण और रोकथाम के उपाय,
बच्चेदानी का बाहर खिसकना महिलाओं के लिए हमेशा से ही एक परेशान करने वाली स्थिति है। आइए जानते हैं इसका कारण और बचाव के उपाय।
बच्चेदानी (uterus) महिलाओं के कुछ सेंसिटिव अंगों में से एक है। ये पीरियड्स, प्रेग्नेंसी और
मां बनना एक खूबसूरत एहसास है। गर्भ धारण करने से लेकर डिलीवरी तक 9 महीने के इस सफर के हर पल को मां जी भरकर जीती है। इतना भी आसान नहीं होता ये सब। कई मुश्किलों, तकलीफों से गुजरने के बाद वो एक बच्चे को जन्म देती है। तभी तो
Continue reading अध्ययनों से पता चलता है कि सिजेरियन सेक्शन के बाद लपेटने या बांधने से दर्द और उपचार में मदद मिल सकती है । वे आपके अंगों और मांसपेशियों को सहारा देने में भी मदद कर सकते हैं क्योंकि वे बच्चा होने के बाद वापस अपनी जगह पर आ जाते हैं।
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravida odio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequat. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat. Donec congue commodo mi, sed commodo velit fringilla ac. Fusce placerat venenatis mi.
Continue readingLorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravida odio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequat. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat. Donec congue commodo mi, sed commodo velit fringilla ac. Fusce placerat venenatis mi.
Continue reading