अगर बच्चा पतला हो रहा हो, तो एक मां से ज्यादा टेंशन किसी को नहीं हो सकती. आजकल बच्चों को खाना खिलाना किसी टास्ट से कम नहीं है. इस जनरेशन के ज्यादातर बच्चों को फोन और टीवी देखकर खाना खाने की आदत है. इससे न उन्हें स्वाद का पता चलता और न ही ये पता चलता कि उन्होंने कितना खा लिया है. बच्चों की इस तरह की आदतों का असर उनकी सेहत पर भी पड़ रहा है. अगर आपका बच्चा बीमार हो रहा है और उसका अपनी उम्र के हिसाब से कम वजन है, तो आपको उसकी डाइट पर सबसे पहले ध्यान देना चाहिए. आपको कुछ ऐसी चीजें उसके रुटीन में शामिल करनी चाहिए, जिससे उसका वजन बढ़े और वो बीमार भी कम पड़े. अगर आप बच्चे को पतलेपन से परेशान हैं तो इस डाइट और रुटीन को फॉलो करें.
बच्चों की वजन बढ़ाने वाली डाइट
नाश्ता- अगर आपका बच्चा स्कूल जाने लगा है तो सबसे पहले उसे सुबह खाली पेट 6-7 भीगी हुई किशमिश और 3-4 भीगे हुए बादाम खिलाएं. इसके बाद दूध दें और फिर कोई नाश्ता कराएं. कोशिश करें कि नाश्ता घर का बना और हेल्दी हो. अगर बच्चा स्कूल जाता है तो नाश्ता टिफिन में पैक कर दें.
स्नैक्स- स्कूल जाने वाले बच्चों के साथ नाश्ता और एक कोई फ्रूट जरूर रखें. अगर बच्चा घर में ही तो करीब 11 बजे उसे कोई एक फल काटकर दें.
लंच- बच्चे को खाने में दाल- चावल, रोटी घी लगी और कोई सब्जी खिलाएं. रोजान बच्चे को घर की बनी ताजा दही भी खिलाएं. मीठे के लिए आप उन्हें शक्कर या गुड घी मिलाकर खिला सकते हैं.
इवनिंग स्नैक्स- अब अगर आपका बच्चा सोता है तो जागने के बाद 1-2 बिस्किट दे दें. इसके बाद बच्चे को दूध पिलाएं और दूध के 1 घंटे बाद 2 उबले अंडे खिला दें.
डिनर- रात में बच्चे को सब्जी और रोटी खिलाएं. आप चाहें तो आलू या पनीर का पराठा खिला सकते हैं. इसके अलावा साउथ इंडियन खाना भी दे सकते हैं.
नाइट- रात में सोते वक्त बच्चे को च्वनप्राश खिलाएं और साथ में हल्दी वाला या नॉर्मल कोई भी दूध दें. हां बच्चों को 5 साल तक डॉक्टर की सलाह से कोई मल्टीविटामिन दवाएं भी जरूर पिलाएं.
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