दिन में कम से कम 3 से 4 बार आपको बच्चे को दूध पिलाने की जरूरत होती है। अब रात के समय भी आपका बच्चा ज्यादा देर तक चैन से सो पाएगा। ऐसे में रात के समय बच्चे को 4 से 6 घंटे के बीच दूध पिलाने की जरूरत पड़ती है। हालांकि हर बच्चा एक दूसरे से अलग होता है और हो सकता है कि आपके बच्चे को रात में ज्यादा दूध की जरूरत हो।
यदि शिशु स्तनपान करता है, तो आपके द्वारा खाए गए भोजनों का स्वाद उसे भी मिलेगा। इसलिए उसे आपके पसंदीदा भोजन खाने में आसानी होगी।
आपका शिशु अब प्यूरी की बजाय मसले हुए या बारीक कटे हुए खाद्य पदार्थ खा सकता है। उसके भोजन को ब्लेंडर से पीसने की बजाय कांटे से मसलिए। इस तरह भोजन की बनावट का पता चलता है। जिन शिशुओं को 10 महीने का हो जाने के बाद पहली बार ढेलेदार भोजन खिलाए जाएं, तो इस बात की आशंका रहती है कि वे शायद इन्हें आसानी से नहीं खा पाएंगे।
इसलिए वे जैसे-जैसे बड़े होते हैं, अलग-अलग बनावट और स्वाद वाले भोजन खाना पसंद नहीं करते। कुछ बच्चे तो थोड़ा बड़ा होने पर भी प्यूरी किया गया भोजन ही खाना चाहते हैं।
बेहतर है कि शिशु को स्टार्चयुक्त भोजन दिए जाएं। निम्नांकित स्टार्चयुक्त भोजन आपके शिशु के लिए उचित हैं:
रागी/नाचनी
चावल
जई (ओट्स)
दलिया
बेबी ब्रेडस्टिक्स
आलू
सूजी का उपमा या खीर
साबुदाना
ब्रेड
पास्ता
ब्रेकफास्ट सीरियल्स (जिनमें मीठा न हो)
स्टार्चयुक्त भोजनों के साथ-साथ आपके शिशु को हर भोजन में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ भी चाहिए। शिशु के लिए प्रोटीन से भरपूर ये निम्नांकित खाद्य पदार्थ हो सकते हैं:
दाल-दलहन
अच्छी तरह पके हुए अंडे
डेयरी उत्पाद (पनीर, दही और चीज़)
कम वसायुक्त रेड मीट
चिकन
मछली, मगर हांगर (शार्क), तेगा (स्वॉर्डफिश) या मार्लिन मछली नहीं हो
यदि आपका शिशु फिंगर फूड पसंद कर रहा है, तो उसे ये देती रहें। उसे शायद खुद खाना अच्छा लग रहा होगा। आप उसे पकाई हुई बीन्स, गाजर, पनीर या चीज़ के टुकड़े, केले या नरम नाशपती की फांक दे सकती हैं।
हालांकि, शिशु जो दूध पीता है, वह अभी वो पी रहा होगा, मगर आप उसे अन्य पेय देना भी शुरु कर सकती हैं। छह महीने से अधिक उम्र के शिशु फिल्टर किया हुआ या उबालकर ठंडा किया पानी ले सकते हैं। शिशु को नरम टोंटी वाले सिप्पर में पानी दें।
यदि आप चाहें तो फॉलो-ऑन फॉर्मूला दूध भी दे सकती है। मगर, यदि आपका शिशु अच्छे से संतुलित आहार खा रहा है, तो इसकी कोई जरुरत नहीं है।
जब आपका शिशु आठ से नौ माह का होता है, तो वह शायद दिन में तीन बार भोजन और एक बार थोड़ा स्नैक ले रहा होगा।
2 महीने के बच्चे को कैसे खिलाना चाहिए?