प्रेगनेंसी के तीसरे महीने में आपके गर्भ में पल रहे शिशु में विकास की प्रक्रिया शुरू हो जाती है जिसे आप बहुत आसानी से महसूस कर सकती हैं। नीचे हम आपको यह बताने वाले हैं की प्रेगनेंसी के तीसरे महीने के दौरान गर्भ में शिशु का कितना विकास होता है। शिशु लगभग 2.5 इंच लंबा होता है। शिशु का वजन लगभग 25-30 ग्राम होता है।
जोखिम कम हुआ
जानकारों का कहना है कि औसतन 15 प्रतिशत प्रेग्नेंसी पहली तिमाही या पहले तीन महीनों कें दौरान गर्भपात के रूप में खत्म हो जाती हैं। तीसरे महीने के अंत का मतलब है कि अब इस जोखिम से कुछ समय के लिए राहत मिल गई है। डॉक्टर की सलाह पर छोटी-मोटी यात्रा की जा सकती है।
कुछ पुराने लक्षण खत्म हो जाएंगे
प्रेग्नेंसी के पहले तीन महीनों में सबसे ज्यादा परेशानी मॉर्निंग सिकनेस या जी मिचलाने से होती है। सुबह उठते ही उल्टियां शुरू हो जाती हैं। खाने की किसी भी चीज को देखकर, उसकी महक सूंघकर यहां तक कि उसकी याद भर करके उल्टियां आने लगती हैं। ऐसा हॉर्मोंस में होने वाले बदलाव की वजह से होता है।
लेकिन खुशी की बात यह है कि तीन महीने पूरे होते-होते अधिकतर महिलाओं को इस मुसीबत से छुटकारा मिल जाता है। हालांकि कुछ नई परेशानियां शुरू हो जाती हैं फिर भी अगर तुलना की जाए तो पूरी गर्भावस्था में पहले तीन महीने सबसे मुश्किल भरे होते हैं। पर तीसरे महीने में आते ही कुछ राहत मिलने लगती है। पर थकान, कमर दर्द, कब्ज, पेट पर निशान, बार-बार यूरिन जाने जैसी समस्याएं जारी रहेंगी
3 महीने की गर्भवती होने पर मुझे क्या उम्मीद करनी चाहिए?