Google AdSense Header Slot

34 सप्ताह में भ्रूण का वजन कितना होना चाहिए?

Language: Hindi | Published: 22 Oct 2022 | Views: 20
34 सप्ताह में भ्रूण का वजन कितना होना चाहिए?
34 सप्ताह की गर्भावस्था में भ्रूण विकास
इस सप्ताह तक आपका शिशु एक मध्यम आकार के खरबूजे जितना हो गया है। उसका वजन भी अब 2.1 किलोग्राम से थोड़ा ज्यादा है। उसकी लंबाई सिर से एड़ी तक करीब 45 सें.मी. (17.7 इंच) हो गई है। आपके लिए यह एक राहत की बात हो सकती है कि 34 सप्ताह की गर्भावस्था में जन्मे शिशु गर्भ के बाहर जीवित रहने और फलने-फूलने में सक्षम होते हैं, बशर्ते उन्हें कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या न हो।

आपके शिशु के शरीर पर चर्बी चढ़ना जारी है। चर्बी की ये परतें जन्म के बाद उसे शरीर का तापमान नियंत्रित करने में मदद करेंगी। हालांकि, फिर भी आपको यह सुनिश्चित करने की जरुरत होगी कि शिशु को ज्यादा गर्मी या सर्दी न लगे।

आपका शिशु पहले से ही आपकी आवाज पहचानता है, मगर अब शायद उसके लिए लोरियों और गानों को भी पहचाना संभव है। ऐसा इसलिए क्योंकि उसके कान का जो हिस्सा मस्तिष्क तक संदेश भेजता है (कॉक्लीया), वह अब अधिक परिपक्व होता जा रहा है।

शोध दर्शाती है कि यदि आप गर्भस्थ शिशु को गाना गाकर सुनाती हैं, तो जन्म के बाद भी वह गाना सुनकर शिशु के शांत होने की पूरी संभावना होती है। यह अपने शिशु के साथ प्यार भरा बंधन बनाने का भी अच्छा तरीका है। गर्भ संस्कार संगीत सुनने का यह अच्छा समय है।

गर्भावस्था के 34वें सप्ताह में शारीरिक परिवर्तन
हो सकता है आपको अब फिर से अपचता (इनडाइजेशन) होने लगी हो, क्योंकि गर्भस्थ शिशु आपके पेट में ऊपर की तरफ दबाव डाल रहा है।
थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन करती रहें और कोशिश करें कि भोजन के तुरंत बाद लेटे नहीं। रात को खाना खाने के बाद अच्छी नींद लेना शायद आपको बेहतर लगे, मगर खाना खाने के बाद जल्दी ही सो जाने से आपको पेट में फुलावट और असहजता हो सकती है।

जैसे-जैसे आपकी गर्भावस्था बढ़ती है, हो सकता है आप पाएं कि आपको बहुत आसानी से थकान हो जाती है। आपका बढ़ता पेट आपकी पीठ पर अतिरिक्त दबाव डालेगा और आपको बैठी या लेटी हुई अवस्था से उठने में अधिक मुश्किल हो सकती है।

गर्भावस्था के 34वें हफ्ते में क्या करें?

1 क्या गर्भावस्था के दौरान सॉफ्ट ड्रिंक और सोडायुक्त पेय पीना सुरक्षित है? यहां पता लगाएं।
2 गर्भवती महिला को टिटनस टॉक्साइड (टीटी) का टीका कब और क्यों लगाया जाता है, यहां जानें।
3 पता करें कि मूलाधार का शल्य चीरा (एपिसियोटमी) क्यों लगाया जाता है?
4 क्या गर्भावस्था के नौवें महीने में घी पीने से प्रसव में आसानी होती है, यहां जानें।
Share this article:

Facebook | Twitter | WhatsApp