गर्भावस्था के 36वें हफ्ते अर्थात 9वें महीने में आ जाती हैं। डॉक्टर द्वारा निर्धारित तिथि भी इसी सप्ताह के आधार पर होती है। अब आपका बच्चा 36-40 सप्ताह के बीच कभी भी जन्म ले सकता है। हालांकि यह बहुत रोमांचक समय होता है लेकिन साथ ही साथ यह चिंता का समय भी हो सकता है।
36 सप्ताह की गर्भावस्था में भ्रूण विकास
आपके शिशु का वजन अब करीब 2.6 किलोग्राम हो चुका है। उसकी लंबाई अब 47.4 सें.मी. (18.7 इंच) से थोड़ी ज्यादा है, जो कि एक बड़े रोमेन लैटस (सलाद के पत्ते) जितनी है। इस सप्ताह के बाद से आपकी गर्भावस्था को पूर्ण अवधि (फुल टर्म) की गर्भावस्था कहा जाएगा, इसका मतलब है कि आपका शिशु अब किसी भी दिन जन्म लेने के लिए तैयार है। ध्यान रखें कि केवल पांच प्रतिशत शिशु ही अपने जन्म की नियत तिथि पर पैदा होते हैं।
36 सप्ताह गर्भवती होने पर क्या जानना जरुरी है
तीसरी तिमाही में पहला ग्रोथ स्कैन 28 से 32 सप्ताह की गर्भावस्था के बीच करवाया जाता है। प्रसव की नियत तिथि के आसपास, 36 से 40 सप्ताह के बीच एक अन्य ग्रोथ स्कैन और रंगीन डॉप्लर अध्ययन करवाया जा सकता है, जिसमें गर्भनाल की स्थिति पता लगाना, एमनियोटिक द्रव की मात्रा मापना, शिशु की सेहत और रक्तसंचार, अपरा की अवस्था, शिशु की अवस्था और वजन को जानना आदि को शामिल है।
36 वीक प्रेग्नेंट कितने महीने का होता है?