36 सप्ताह गर्भवती होने पर क्या जानना जरुरी है
तीसरी तिमाही में पहला ग्रोथ स्कैन 28 से 32 सप्ताह की गर्भावस्था के बीच करवाया जाता है। प्रसव की नियत तिथि के आसपास, 36 से 40 सप्ताह के बीच एक अन्य ग्रोथ स्कैन और रंगीन डॉप्लर अध्ययन करवाया जा सकता है, जिसमें गर्भनाल की स्थिति पता लगाना, एमनियोटिक द्रव की मात्रा मापना, शिशु की सेहत और रक्तसंचार, अपरा की अवस्था, शिशु की अवस्था और वजन को जानना आदि को शामिल है।
अब आपके शिशु के जन्म का समय नजदीक आ रहा है और आपको अपना अस्पताल ले जाने वाला बैग तैयार करके रखना होगा। यहां जानें कि इस बैग में क्या-क्या सामान रखना चाहिए।
हर महिला का प्रसव का अनुभव अलग होता है। गर्भावस्था के 36वें हफ्ते में क्या करें
जानें कि यदि पानी की थैली समय से पहले फट जाए, तो क्या करना चाहिए।
क्या गर्भावस्था के दौरान भारतीय शैली के शौचालय का इस्तेमाल सुरक्षित है, यहां पता लगाएं।
प्रसव पीड़ा को लेकर गर्भवती महिला के मन में डर या घबराहट होना स्वाभाविक है। यहां जानें कि प्रसव के दर्द से राहत के लिए आप कौन से विकल्प चुन सकती हैं।
36 सप्ताह में प्रसव की तैयारी कैसे करें?