39 सप्ताह की गर्भवती होने पर आपके साथ कितने महीने हैं, तो आप या तो 9 महीने की गर्भवती हैं या 10 महीने की गर्भवती हैं, क्योंकि गर्भावस्था के सप्ताह पूरे महीनों में समान रूप से फिट नहीं होते हैं।
39 सप्ताह की गर्भावस्था में भ्रूण विकास :
अब आपको केवल स्थिति को देखना और इंतजार करना है, क्योंकि आपका शिशु अब किसी भी दिन जन्म ले सकता है! वह तकरीबन एक छोटे तरबूज जितना, लगभग 3.3 किलोग्राम हो गया है। उसकी लंबाई 51 सें.मी. (20 इंच) हो सकती है।
यह ध्यान रखें कि औसत भारतीय नवजात थोड़ा छोटा और उसका वजन 2.5 से 2.9 किलो के बीच हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार जिस शिशु का वजन 2500 ग्राम (2.5 किलो) से कम होता है, उसे "कम जन्म वजन शिशु" (लो बर्थ वेट बेबी) कहा जाता है, फिर चाहे शिशु का जन्म गर्भावस्था के किसी भी चरण में हुआ हो।
मगर ये केवल औसत आंकड़ें हैं। जैसे ही शिशु का जन्म होता है, उसका वजन लिया जाता है और सिर के घेरे का माप लिया जाता है। कुछ सप्ताह बाद फिर से शिशु की लंबाई मापी जाती है।
आपके शिशु के सभी अंग अच्छी तरह विकसित हो चुके हैं। उसकी त्वचा मोटी और रंगत फीकी होती जा रही है, क्योंकि हट रही बाहरी त्वचा की कोशिकाओं के स्थान पर अब नई त्वचा आ रही है। उसके फेफड़े अब अधिक आर्द्रक (सर्फेक्टेंट) बना रहे हैं, यह वह तत्व है जो उसके छोटे वायुकोषों को खुला रखता है और वह गर्भ के बाहर अपनी पहली सांस भरने के लिए तैयार हो सके।
जन्म के तुरंत बाद आपका शिशु अपने वायुकोषों को साफ करने के लिए रो सकता है। और नियमित श्वसन पैटर्न स्थापित करने में उसे कुछ मिनटों का समय लग सकता है। नवजात शिशु तेज और धीमे चक्र में सांस लेते हैं, कई बार एक बार में पांच या इससे ज्यादा सैकंड का विराम भी ले सकते हैं।
शिशु के जन्म के तुरंत बाद आपकी डॉक्टर या फिर शिशु की डॉक्टर अपगार स्केल की सहायता से उसकी सामान्य स्वास्थ्य को जांचेंगे। अपगार को नवजात शिशु की दिल की धड़कन, श्वास, मांसपेशियों की टोन, क्रियाओं और रंग का आंकलन करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
गर्भावस्था के 39वें सप्ताह में शारीरिक परिवर्तन:
यदि आपको सीने में जलन की शिकायत रहती है, तो गर्भावस्था के ये अंतिम कुछ सप्ताह आपके लिए मुश्किल हो सकते हैं। घी-तेल युक्त गरिष्ट भोजनों का सेवन न करें और सेहतमंद व संतुलित आहार योजना का पालन करती रहें।
शिशु का जन्म अब काफी नजदीक है और शिशु को सीने से लगाने के लिए आपको अधिक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मगर, यदि इस सप्ताह के बाद भी प्रसव पीड़ा शुरु न हो तो भी चिंतित न हों। आपकी डॉक्टर यह निर्णय लेंगी कि प्रसव पीड़ा प्रेरित करने का सही समय कब रहेगा।
39 सप्ताह गर्भवती होने पर क्या जानना जरुरी है
हर माँ के लिए प्रसव और शिशु के जन्म का अनुभव अलग होता है। जहां कुछ महिलाएं शिशु को जन्म देने के कुछ घंटों के भीतर ही भली-चंगी महसूस करने लगती हैं, वहीं कुछ को बिस्तर से उठ पाने में भी दर्द महसूस होता है, खासकर की सीजेरियन आॅपरेशन के बाद।
शिशु को जन्म देने के कुछ दिनों तक आपको शायद अपने नवजात शिशु के साथ घर पर ही रहना अच्छा लगेगा, फिर चाहे दुनिया कितनी भी आगे बढ़ जाए। मगर, यह आराम ज्यादा समय तक शायद जारी न रह पाए। और उस समय आपको अपने घर के कामकाज के लिए मदद की जरुरत होगी। इसलिए यदि माँ बनने से पहले ही आप अपनी मदद का इंतजाम करके रखेंगी तो शिशु के आने के बाद नई जिम्मेदारियों को संभाल पाना आपके लिए आसान रहेगा।
39 हफ्ते में कितने महीने होते हैं?