चार महीने का होने तक शिशु का पेट भी बड़ा हो गया होता है, इसलिए उसे बार-बार दूध पीने की जरुरत नहीं होती है। वह दिन में अब शायद चार से छह बार ही दूध पी रहा होगा, मगर आप देखेंगी कि उसका वजन फिर भी बढ़ेगा। आप पाएंगी कि दूध पीते हुए शिशु का ध्यान दूसरी तरफ चला जाता है। उसका ध्यान आसपास की चहलपहल पर आकर्षित होता है।
बच्चे को मसलकर चावल खिलाना शुरू करें। पहले उसे बहुत थोड़ी मात्रा दें और फिर जब वह खाने लगे तो उसकी मात्रा बढ़ाएं। 2. बच्चे को गाजर या उबला आलू मेश करके खिलाएं।
बच्चों को उबला हुआ पानी पिलाएं।
उनका भोजन साफ एवं सुरक्षित जगह पर रखें। ...
सब्जियों को ज्यादा देर उबालें नहीं इससे उनके पोषक तत्व निकल जाते हैं।
4 महीने का बच्चा क्या खा सकता है?