जब वह भूखा होकर आपके पास खाने के लिए आए तो उसे वही खाना दोबारा खिलाएं। यदि हर बार बच्चे के ठीक से खाना न खाने पर या खाना पसंद न आने पर आप उसे दूध पिलाएंगी तो आप उसमें खाने की गलत आदतें विकसित कर रही हैं। बच्चा जब भी कुछ खाना चाहे तो आप उसे हर बार खाना ही खिलाएं। इस तरह उसे प्लेट में दिए गए भोजन को खाना आएगा।
बच्चा पहले जैसा नहीं खाता, पर उसका विकास फिर भी सामान्य रहता है। ऐसे में अभिभावकों को धैर्य बनाए रखना चाहिए व बच्चे को उसके स्वादानुसार खाना बदल-बदल कर खिलाएं। कभी भी खाना जोर जबरदस्ती से या मार-पीटकर न खिलाएं। ऐसा करने से आपका लाडला खाने से और दूर भागेगा।
4 साल का बच्चा खाना ना खाए तो क्या करें?