जो बच्चे बोतल से दूध पीते हैं, उन्हें दिन में हर दो से तीन घंटे में दूध पीने की जरूरत पड़ती है। बच्चे के दो महीने के होने के बाद 3 से 4 घंटे में दूध पिलाना होता है। 4 से 6 महीने के बच्चे को हर 4 से 5 घंटे में और फिर 6 महीने के होने के बाद हर 4 से 5 घंटे में दूध पिलाना होता है।अगर, आपके शिशु ने अभी ठोस आहार खाना शुरु नहीं किया है, तो आप एक अनुमानित आधार पर यह जान सकती है कि शिशु को कितना फॉर्मूला दूध दिया जाना चाहिए।
गर्भावस्था की पूर्ण अवधि पर जन्मे अधिकांश शिशुओं को हर दिन उसके वजन के अनुसार 150 मि.ली. और 200 मि.ली. फॉर्मूला दूध प्रति किलोग्राम चाहिए होगा। यानि कि अगर आपके शिशु का वजन तीन किलोग्राम है, तो पूरे 24 घंटों में अपनी भूख शांत करने के लिए उसे शायद 450 और 600 मि.ली. के बीच फॉर्मूला दूध चाहिए होगा।
हालांकि, हो सकता है जन्म के पहले सप्ताह में शिशु इससे कम दूध पीए, क्योंकि उसका पेट इस चरण पर बहुत छोटा सा होता है।
ये माप अनुमान पर आधारित हैं कि आपके शिशु को कितने दूध की जरुरत हो सकती है। जिस तरह आपकी भूख हर भोजन के समय अलग-अलग होती है, उसी तरह आपका शिशु भी हर बार एकदम समान मात्रा में दूध नहीं पी सकता। इसलिए उस पर बोतल का सारा दूध खत्म करने का दबाव न डालें, फिर चाहे बोतल में थोड़ा सा ही दूध क्यों न बचा हो।
यह भी ध्यान रखें कि यदि शिशु बीमार हो, दांत निकलने की वजह से असहज हो या फिर विकास में तेजी (ग्रोथ स्पर्ट) हो, तो उसकी फॉर्मूला दूध पीने की मात्रा कम या ज्यादा हो सकती है।
यदि आपके शिशु को कोई विशेष फॉर्मूला दूध पिलाने के लिए कहा गया है या उसका एक तय फीडिंग प्लान है तो अपनी डॉक्टर से पता करें कि उसे हर दिन कितना फॉर्मूला दूध देना चाहिए।
मुझे कैसे पता चलेगा कि शिशु को सही मात्रा में फॉर्मूला दूध मिल रहा है?
हमेशा ध्यान दें कि आप सही ढंग से फॉर्मूला दूध तैयार करें। यदि आप बहुत ज्यादा पानी मिलाएंगी तो दूध काफी पतला बनेगा और इससे शिशु को उचित विकास के लिए जरुरी पोषक तत्व भी नहीं मिलेंगे।
5 महीने के बच्चे को कितना फार्मूला खाना चाहिए?