स्तनपान करने वाले बच्चों को अलग से पानी पीने की जरूरत नहीं होती है क्योंकि मां के दूध में ही 80 फीसदी से ज्यादा पानी होता है और इसी से शिशु को आवश्यक तरल पदार्थ मिल जाते हैं। वहीं, बोतल से दूध पीने पर फॉर्मूला मिल्क से शिशु का शरीर हाइड्रेट रहता है।
ये तो सभी जानते हैं कि शिशु को ठोस आहार किस उम्र से खिलाना शुरू करना चाहिए।शिशु की उम्र, भोजन की मात्रा और एक्टिविटीज पर निर्भर करता है कि बच्चों को कब और कितना पानी पिलाना है।
बच्चों को पानी कब पिलाना चाहिए
विशेषज्ञों की मानें तो ठोस आहार शुरू करने तक बच्चे को पानी नहीं देना चाहिए। छह महीने के बच्चे को ठोस आहार देना शुरू किया जाता है। पानी पिलाना शुरू करने के लिए यह समय सही होता है। बच्चे को पानी पिलाने के कुछ समय बाद आप उसे सिपी कप दें क्योंकि कप से बच्चे ज्यादा पानी नहीं पीते हैं।
छह महीने से पहले पानी क्यों न दें
इस समय शिशु के लिए संपूर्ण आहार मां का दूध ही होता है। इसके अलावा उन्हें किसी और चीज की जरूरत नहीं होती है। अगर आप शिशु को पानी भी पिलाते हैं, इससे हो सकता है कि वो दूध कम पिएं।
इसके कारण बच्चों के सही विकास में बाधा आ सकती है। कम समय में ज्यादा पतला फॉर्मूला मिल्क देने या अधिक पानी देने की वजह से भी बच्चे की तबियत खराब हो सकती है।
5 महीने के बच्चे को पानी पिला सकते हैं क्या?