6 महीने का शिशु दिन में लगभग 12 से 16 घंटे सो सकता है। शिशु रात को लगभग 9 घंटे या इससे ज्यादा घंटे की नींद ले सकता है और दूध पीने के लिए बीच-बीच में जागता भी है।
मां बनने के बाद महिलाओं को जो चीज सबसे ज्यादा परेशान करती है, वो है शिशु का रातभर जागना। शिशु के साथ मां को भी जागना पड़ता है जिसकी वजह से उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती है। इस वजह से अक्सर मांओं के मन में ये सवाल आता है कि आखिर उनका शिशु कब पूरी रात सोना शुरू करेगा।
जन्म के बाद लगभग 6 महीने तक शिशु के सोने का पैटर्न अलग हो सकता है। हो सकता है कि उनका स्लीपिंग पैटर्न हर हफ्ते बदलता रहे। कभी वो दिन भर में कुल 17 घंटे सो सकते हैं जिसमें से वो बस एक से दो घंटे की नींद लेकर बीच-बीच में जागते रहते हैं।
विशेषज्ञों की मानें तो एक बार में बच्चे और वयस्क 6 से 9 घंटे की नींद लेते हैं लेकिन शिशु को नींद के दौरान बीच-बीच में दूध पीने की जरूरत होती है। उनका पेट बहुत छोटा होता है इसलिए वो एक ही बार में लंबी नींद नहीं ले सकते हैं।
बेबी स्लीप शेड्यूल
शिशु की उम्र पर ही बेबी स्लीप शेड्यूल निर्भर करता है। एक या दो महीने के शिशु रात को नींद के दौरान भूख लगने पर जागते हैं जबकि पांच या 6 महीने का शिशु पूरी रात सो सकता है। इनमें रात को जागना किसी समस्या का संकेत नहीं है।
शिशु की उम्र बढ़ने के साथ उसका स्लीप शेड्यूल भी बदलता रहता है। अगर आप पहली बार पेरेंट्स बने हैं तो आपको समझ लेना चाहिए कि शिशु किस उम्र तक कितनी नींद लेता है।
6 महीने का बच्चा कितना सोता है?