गर्भपात के बाद ब्लीडिंग होना (Excessive Bleeding)
गर्भपात के बाद कुछ महिलाओं को ब्लीडिंग की समस्या नहीं होती। वहीं, कुछ महिलाओं को गर्भपात के बाद दो से छह हफ्ते के आखिर तक ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है।
मिसकैरिज (Miscarriage) के बाद होने वाली ब्लीडिंग स्पॉटी, डार्क ब्राउन और क्लॉट्स जैसे हो सकती है।
अक्सर गर्भपात के शुरुआती दिनों में महिलाओं को ब्लीडिंग (Bleeding) नहीं होती है। गर्भपात के तीसरे और चौथे दिन के आसपास महिलाओं की बॉडी में हार्मोन में बदलाव आते हैं, जिससे उन्हें ब्लीडिंग हो सकती है।
हैवी ब्लीडिंग होने की स्थिति में यूट्राइन मसाज (Uterine massage) इसके इलाज का विकल्प हो सकती है। इस स्थिति में चलना- फिरना कम करें।
अलग तरह के डिस्चार्ज होना (Discharge)
गर्भपात के बाद ब्राउन से लेकर काले रंग का डिस्चार्ज हो सकता है।
यह डिस्चार्ज म्यूकस के जैसा भी हो सकता है।
डिस्चार्ज के साथ ईचिंग या दर्द होने या डिस्चार्ज के स्मैली होने या फिर इसके पस की तरह आने पर अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
7 सप्ताह में गर्भपात के बाद आपको कितने समय तक रक्तस्राव होता है?