बच्चों में न्यूट्रिशयन, फोलिक एसिड, आयरन और विटामिन 12 एन्जाइम की कमी है। उनमें हीमोग्लोबिन पांच ग्राम से कम नहीं होना चाहिए।
बच्चों में न्यूट्रिशयन, फोलिक एसिड, आयरन और विटामिन 12 एन्जाइम की कमी है। उनमें हीमोग्लोबिन पांच ग्राम से कम नहीं होना चाहिए। जो बच्चे थैलेसिमिया से ग्रसित हैं। उनका हीमोग्लोबिन दस और कार्डियक पल्मोनरी डिजीज में 12 ग्राम जरूरी है। विशेष रूप से आईसीयू में एडमिट है। कई बार ब्लड चढ़ाने के बाद भी बच्चे का हीमोग्लोबिन नहीं बढ़ पाता है। ऐसा 42 दिन से पुराना ब्लड चढ़ाने की वजह से भी हो सकता है। पुराना ब्लड चढ़ाने से इम्युनिटी कम हो सकती है। वहीं, हीमोग्लोबिन मैनेज नहीं होने के कारण एनीमिया का खतरा बढ़ सकता है। ब्रेन तक मलेरिया पहुंचने और डीआईसी डवलप होने पर भी ब्लड चढ़ाया जाता है।
8 महीने के बच्चे में कितना खून होना चाहिए?