वैसे तो गर्भावस्था के नौ महीने मुश्किल होते हैं, लेकिन आखिरी महीना सबसे ज्यादा परेशान करता है।
इस समय आप पहले से ज्यादा असहज महसूस कर सकती हैं। इस दौरान आपका वजन बढ़ जाता है, जिसके कारण आपको थकान और सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। शिशु का वजन और गर्भाशय का आकार बढ़ने के कारण नितंब तंत्रिका (Buttock Nerve) पर प्रेशर पड़ता है जिसके कारण आपके पीठ में दर्द की समस्या हो सकती हैै।
प्रेगनेंसी के पहले और आखिरी महीने को सबसे ज्यादा मुश्किल माना जाता है। पहले महीने में शरीर बदलावों के साथ एडजस्ट करने के लिए तैयार हो रहा होता है, तो वहीं आखिरी महीने में शरीर खुद को डिलीवरी के लिए तैयार कर रहा होता है, लेकिन इस समय शिशु का वजन झेलना भी मुश्किल हो जाता है। इसके साथ ही आखिरी महीने में और भी कई मुश्किलें हैं जिनके आगे महिलाओं की हिम्मत जवाब देने लगती है।
गर्भवती महिलाओं का कहना है कि प्रेगनेंसी का पहला और आखिरी महीना सबसे ज्यादा मुश्किल होता है। प्रेगनेंसी के शुरुआती हफ्तों में मॉर्निंग सिकनेस, मतली, भूख कम लगने, उल्टी और थकान जैसी चीजें घेरे रहती हैं और आपको आखिरी महीने तक इन सब चीजों से रूबरू होना पड़ता है।
प्रेग्नेंसी के नौवें महीने में आपका वजन भी 15 से 20 किलो तक बढ़ जाता है और शिशु तरबूज जितना भारी होता है और खाना खाने के बाद भी आपको जल्दी से भूख लगने लगती है।
9 महीने की गर्भवती होने पर आप कैसा महसूस करती हैं?