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Pregnancy Me Yoni ka size?

Language: English | Published: 15 Dec 2021 | Views: 41
Pregnancy Me Yoni ka size?
प्रेगनेंसी के नौ महीनों के दौरान इस तरह बदल जाता है आपका Uterus

प्रेगनेंसी के नौ महीनों में यूट्रेस का साइज बदलता रहता है। इसी में नौ महीने तक शिशु रहता है और बच्‍चे के साथ यूट्रेस भी बढता रहता है।

गर्भावस्‍था के दौरान महिलाओं के शरीर के कई अंगों में बदलाव आता है और इन बदलावों से सबसे ज्‍यादा गर्भाशय प्रभावित होता है क्‍योंकि यही वो जगह है जहां नौ महीने तक शिशु रहता है। पेल्विस हिस्‍से में मूत्राशय और गुदा के बीच यूट्रेस होता है। ये लगभग 8 सेमी लंबा और पांच सेमी चौडा होता है जिसकी औसतन वॉल्‍यू 80 और 200 मिली होती है।

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आइए जानते हैं कि गर्भावस्‍था के दौरान गर्भाशय यानी यूट्रेस में क्‍या बदलाव आते हैं।

यूट्रेस का साइज
जैसे जैसे प्रेगनेंसी बढती है वैसे वैसे गर्भाशय की शेप और साइज में भी बदलाव आता जाता है। अपने नॉर्मल साइज से यूट्रेस लगभग 500 और हजार गुना चौडा हो जाता है। आगे जानिए कि प्रेगनेंसी की हर तिमाही में यूट्रेस में किस तरह के बदलाव आते हैं।

गर्भावस्‍था की पहली तिमाही
प्रेगनेंसी के 12वें सप्‍ताह में यूट्रेस का साइज चकोतरा जितना ही छोटा रहता है। प्रेगनेंसी के आगे बढने के साथ गर्भाशय भी बढता है और मूत्राशय पर दबाव बनने लगता है। इसकी वजह से बार बार पेशाब आने की समस्‍या होती है। अगर जुडवा या तीन बच्‍चे हों तो एक बच्‍चे की तुलना में यूट्रेस ज्‍यादा तेजी से स्‍ट्रेच होता है।

प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही
गर्भावस्‍था की दूसरी तिमाही में यूट्रेस पपीते के आकार जितना हो जाता है। इस समय यूट्रेस ऊपर की ओर बढता है और पेल्विक हिस्‍से के बाहर विकसित होता है। इस दौरान लिगामेंट और यूट्रेस की आसपास की मांसपेशियों पर दबाव पडने लगता है जिससे शरीर में दर्द और ऐंठन होती है।
प्रेगनेंसी ग्‍लो को तीन गुना बढ़ाने के लिए घर पर बनाएं DIY फेस मास्‍क

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ये मास्‍क चेहरे से मत कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है और स्किन को एक्‍सफोलिएट करता है। योगर्ट स्किन को मुलायम और चमकदार बनाती है।

एक चम्‍मच ओटस में आधी कटोरी योगर्ट मिलाएं। इन दोनों चीजों को मिक्‍स करके चेहरे पर लगाएं और पंद्रह मिनट के बाद चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें।
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सेहत के साथ स्किन के लिए भी बादाम बहुत फायदेमंद होते हैं। वहीं केला विटामिनों, खनिज पदार्थों और एंटीऑक्‍सीडेंट से युक्‍त होता है। केला और बादाम एक साथ लगाने से त्‍वचा नरम और मुलायम बनती है। ये स्किन में कोलाजन को बढ़ाती है और एंटी एजिंग प्रभाव देती है।

इसके लिए एक चम्‍मच बादाम का पाउडर या आटा लें और उसमें आधे केले को मैश करके डालें। इसे अच्‍छी तरह से मिक्‍स कर के चेहरे पर लगाएं और पंद्रह मिनट के बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।

यह भी पढ़ें : प्रेगनेंसी में स्‍ट्रेस को दूर करने में मदद करता है ये आसन
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एक चम्‍मच नींबू का रस लें और उसमें एक चम्‍मच घिसे हुए आलू का रस डालें। पहले चेहरे को पानी से धोकर सुखा लें और उसके बाद इन दोनों चीजों को मिक्‍स कर के लगाएं।

इसे पंद्रह मिनट तक लगा रहने के बाद ताजे पानी से चेहरा धो लें। इस पैक को लगाने से काले धब्‍बे हटते हैं और रंग साफ होता है। आलू का रस पिगमेंटेशन को ठीक करता है।

यह भी पढ़ें : प्रेगनेंसी में क्‍यों चांद की तरह चमकती है स्किन
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पपीता स्किन को हाइड्रेट कर मत कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है। शहद और पपीते का फेस मास्‍क स्किन को रिफ्रेश और रेजुनवेट करता है। इस फेस मास्‍क में विटामिन ए, विटामिन सी और एंटीऑक्‍सीडेंटस मौजूद हैं जो हर तरह के धब्‍बों और झुर्रियों को हटाने में मदद करता है और स्किन को साफ बनाता है।

आधा कप पपीता लें और उसे मैश कर लें। इसमें दो चम्‍मच शहद डालकर पेस्‍ट बन लें। अब इस मास्‍क को चेहरे पर 20 मिनट तक लगाकर रखें और फिर गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।
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प्रेगनेंट महिलाओं के लिए यह फेस मास्‍क बिलकुल सुरक्षित है। हल्‍दी और बेसन दोनों ही त्‍वचा की रंगत को निखारने का काम करते हैं। बेजान त्‍वचा पर ग्‍लो लाने के लिए आप इसका इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

इस पैक को बनाने के लिए आपको चाहिए दो चम्‍मच बेसन, गुलाब जल की कुछ बूंदें और एक चुटकी हल्‍दी। इन तीनों चीजों को मिक्‍स कर के पेस्‍ट बना लें और चेहरे पर पंद्रह मिनट तक लगाएं। इसके बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।

यह भी पढ़ें :ऐक्ट्रेस जैसी स्किन चाहिए तो ट्राई करें बेसन के ये 5 फेस पैक


गर्भावस्‍था की तीसरी तिमाही
प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में गर्भाशय तरबूज जितना बडा हो जाता है। अब यह प्‍यूबिक एरिया से पसलियों तक फैल जाता है। अब आपका गर्भाशय पूरा फैल चुका होता है।

डिलीवरी के बाद
डिलीवरी के बाद यूट्रेस वापस से अपनी पोजीशन और साइज में आ जाता है। इस प्रक्रिया में छह से आठ हफतों का समय लगता है। गर्भ में शिशु को जगह देने के अलावा गर्भाशय के और भी कई अन्‍य महत्‍वपूर्ण कार्य होते हैं।

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भाशय के कार्य
फैलोपियन टयूब से आए फर्टिलाइज एग को लेता है। शिशु के विकास के लिए यूट्रेस प्‍लेसेंटा का निर्माण करता है। खासतौर पर शिशु को पोषण देने के लिए रक्‍त वाहिकाओं का विकास करता है।
डिलीवरी के समय शिशु को बार निकालने के लिए संकुचन पैदा करता है और प्रसव के बाद अपने नॉर्मल साइज में आकर अगले मासिक चक्र के लिए तैयार होता है।
यूट्रेस से ओवरी को रक्‍त प्रवाह में मदद होती है। यह योनि, मूत्राशय और गुदा जैसे अंगों को सपोर्ट करता है।
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एक चम्‍मच ओटस में आधी कटोरी योगर्ट मिलाएं। इन दोनों चीजों को मिक्‍स करके चेहरे पर लगाएं और पंद्रह मिनट के बाद चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें।
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सेहत के साथ स्किन के लिए भी बादाम बहुत फायदेमंद होते हैं। वहीं केला विटामिनों, खनिज पदार्थों और एंटीऑक्‍सीडेंट से युक्‍त होता है। केला और बादाम एक साथ लगाने से त्‍वचा नरम और मुलायम बनती है। ये स्किन में कोलाजन को बढ़ाती है और एंटी एजिंग प्रभाव देती है।

इसके लिए एक चम्‍मच बादाम का पाउडर या आटा लें और उसमें आधे केले को मैश करके डालें। इसे अच्‍छी तरह से मिक्‍स कर के चेहरे पर लगाएं और पंद्रह मिनट के बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।

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एक चम्‍मच नींबू का रस लें और उसमें एक चम्‍मच घिसे हुए आलू का रस डालें। पहले चेहरे को पानी से धोकर सुखा लें और उसके बाद इन दोनों चीजों को मिक्‍स कर के लगाएं।

इसे पंद्रह मिनट तक लगा रहने के बाद ताजे पानी से चेहरा धो लें। इस पैक को लगाने से काले धब्‍बे हटते हैं और रंग साफ होता है। आलू का रस पिगमेंटेशन को ठीक करता है।

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पपीता स्किन को हाइड्रेट कर मत कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है। शहद और पपीते का फेस मास्‍क स्किन को रिफ्रेश और रेजुनवेट करता है। इस फेस मास्‍क में विटामिन ए, विटामिन सी और एंटीऑक्‍सीडेंटस मौजूद हैं जो हर तरह के धब्‍बों और झुर्रियों को हटाने में मदद करता है और स्किन को साफ बनाता है।

आधा कप पपीता लें और उसे मैश कर लें। इसमें दो चम्‍मच शहद डालकर पेस्‍ट बन लें। अब इस मास्‍क को चेहरे पर 20 मिनट तक लगाकर रखें और फिर गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।
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प्रेगनेंट महिलाओं के लिए यह फेस मास्‍क बिलकुल सुरक्षित है। हल्‍दी और बेसन दोनों ही त्‍वचा की रंगत को निखारने का काम करते हैं। बेजान त्‍वचा पर ग्‍लो लाने के लिए आप इसका इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

इस पैक को बनाने के लिए आपको चाहिए दो चम्‍मच बेसन, गुलाब जल की कुछ बूंदें और एक चुटकी हल्‍दी। इन तीनों चीजों को मिक्‍स कर के पेस्‍ट बना लें और चेहरे पर पंद्रह मिनट तक लगाएं। इसके बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।

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यूट्रेस का नॉर्मल साइज क्‍या है

हर महिला के गर्भाशय का साइज अलग होता है। आमतौर पर इसका वजन 70 से 125 ग्रम होता है। हालांकि, उम्र और हार्मोनल स्थिति जैसे कारकों के आधार पर यूट्रेस का साइज निर्भर करता है।
प्‍यूबर्टी से पहले यूट्रेस लगभग 3.5 सेमी लंबा होता है और इसकी थिकनेस 1.4 सेमी होती है। प्‍यूबर्टी के बाद यूट्रेस की लंबाई 5 और 8 सेमी होती है और चौडाई 3.5 सेमी होती है। इसकी थिकनेस 1.5 और 3 सेमी तक होती है। प्रेगनेंसी के नौवें महीने में यूट्रेस की लंबाई 38 सेमी और चौडाई 24 से 26 सेमी होता है
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