स्पॉटिंग में थोड़ा-सा ही खून बहता है। इसकी मात्रा कम होती है और यह बहुत दिनों तक नहीं होता। जहां आपके पीरियड्स में हफ्तेभर तक ब्लीडिंग हो सकती है, वहीं स्पॉटिंग केवल दो दिन तक ही रह सकता है। इसीलिए स्पॉटिंग में आपको एक बड़े पैड का उपयोग करने की ज़रूरत नहीं होगी।
हर महीने अपनी मेंस्ट्रुअल साइकिल (माहवारी) के दौरान एक महिला के साथ हॉर्मोन से जुड़े कई बदलाव होते हैं, जोकि आम तौर पर 3 से 7 दिन तक रहता है। पीरियड को छोड़कर अगर कभी आपको हल्का वजाइनल ब्लीडिंग देखने को मिलता है, तो इसे 'स्पॉटिंग' कहा जा सकता है। इस प्रकार की ब्लीडिंग का मतलब कोई बिमारी नहीं होता।
अगर मैं पीरियड के बाद स्पॉटिंग कर रही हूं तो क्या मैं प्रार्थना कर सकती हूं?