मेडिकल साइंस के अनुसार जब 45 वर्ष की आयु से पहले एक महिला की माहवारी बंद हो जाती है, इसे अर्ली मेनोपॉज माना जाता है. आइए जानते हैं कि कैसे सामान्य माहवारी समस्याओं से अलग पहचान सकते हैं. इस दौरान कौन से टेस्ट कराने होते हैं, कब डॉक्टर से सलाह लेनी है.
हर महीने समय पर पीरियड्स आना महिला स्वास्थ्य के लिए जरूरी होता है। वहीं आपने कई महिलाओं को पीरियड्स लेट आने की शिकायत करते सुना होगा। लेकिन अगर आपको समय से पहले यानि एक महीना पूरा होने से पहले ही पीरियड्स आ गए हैं तब भी आपके लिए यह एक दुविधा की बात हो सकती है। लेकिन आपको बता दें कि कभी-कभी मासिक धर्म की तारीख ऊपर-नीचे होना बड़ी परेशानी की बात नहीं है। लेकिन यदि अक्सर आपको यह समस्या रहती है तो चिकित्सक से सलाह अवश्य ले लें। तो अब आइए जानते हैं समय से पहले पीरियड्स आने के क्या मुख्य कारण हो सकते हैं...
1. कैफीन का अधिक सेवन
कैफीन का अधिक सेवन किसी के लिए भी ठीक नहीं माना गया है। साथ ही ज्यादा कैफीन पीने से कुछ महिलाओं को समय से पहले ही पीरियड्स आ सकते हैं। क्योंकि चाय-कॉफी, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स और चॉकलेट के अधिक सेवन से महिलाओं के हार्मोन प्रभावित होते हैं। और इससे एस्ट्रोजन हार्मोन बढ़ सकते हैं जो कि जल्द पीरियड्स होने का कारण हो सकता है।
2. ज्यादा एक्सरसाइज करने से
अति हर चीज की बुरी होती है। ऐसे में अगर आप ज्यादा व्यायाम भी करते हैं तो भी यह आपके लिए समस्या खड़ी कर सकता है। मासिक धर्म के दौरान आपके शरीर को अधिक ऊर्जा या शक्ति की जरूरत होती है। वहीं अगर आप अपनी सारी एनर्जी एक्सरसाइज करने में लगा देती हैं तो आपको काफी थकान महसूस होगी। साथ ही वजन में अत्यधिक गिरावट या ज्यादा मोटापा भी हार्मोनल बदलाव का कारण हो सकता है। जिससे पीरियड्स की तारीख पर भी असर पड़ता है।
3. शराब का सेवन
अधिक मात्रा में शराब पीना भी हार्मोनल बदलाव की एक बड़ी वजह हो सकती है। यह न केवल आपके लिवर और सेहत को क्षति पहुँचाती है, बल्कि इससे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का संतुलन भी गड़बड़ाता है। और पीरियड्स जल्द आने की संभावना भी बढ़ जाती है।
4. ओवरी से जुड़ी दिक्कतें
ओवरी यानि अंडाशय में गांठ होने या कोई अन्य दिक्कत होना भी पीरियड्स के समय से पहले आने का एक कारण हो सकता है। क्योंकि आपके शरीर या हार्मोन में थोड़ा भी बदलाव आपके मासिक धर्म चक्र को काफी प्रभावित करता है। जिसके कारण महिलाओं को गर्भ धारण करने में भी परेशानी हो सकती है।
5. तनावग्रस्त होने पर
तनाव कई स्वास्थ्य समस्याओं की जड़ बन सकता है। क्योंकि चिंता या स्ट्रेस होने पर दोनों हार्मोन एस्ट्रोजन तथा प्रोजेस्टेरोन की उत्पत्ति पर भी काफी असर पड़ता है। जिससे आपकी मासिक धर्म की तारीख भी पहले हो सकती है।
अर्ली पीरियड का क्या मतलब है?