जो डॉक्टर सोनोग्राफी से नही देख सकते , या जो बीमारी सोनोग्राफी करने के बाद भी नही देख सकते , तब डॉक्टर को अल्ट्रासाउंड याने की USG का सहारा लेना पडता है ।
अल्ट्रासाउंड मे सेम सोनोग्राफी की प्रोसेस होती है लेकीन साउंड की मदद से पेशंट की वो बीमारी भी डीटेक्ट हो जाती है जो सोनोग्राफी करने से नही देख सकते ।
अल्ट्रासाउंड और सोनोग्राफी में क्या डिफरेंस है?