अल्ट्रासाउंड परिक्षण से प्राप्त तस्वीर में हड्डी जैसे ठोस उत्तक सफेद और सौम्य उत्तक स्लेटी (ग्रे) और चितकबरे दिखाई देते हैं। तरल पदार्थ (जैसे एमनियोटिक द्रव्य, जिसमें शिशु रहता है), तरंगों के प्रति कोई प्रतिध्वनि नहीं करता, इसलिए तस्वीर में काला दिखाई देता है।
जब भी आप Sonography report देखते है तब आपको उसमें काला-उजला रंग का धब्बा ही दिखाई देता होगा, लेकिन उसी के बीच में मरीज के अंदर मौजूद पीड़ा के बारें में पता लगाई जाती है। दरअसल ऐसा रंग हवा और बाहरी फ्लूइड से बन जाती है। साथ ही ग्रे रंग की दिखने वाली हिस्सा शरीर की कोशिका होती है।
आपके बच्चे के लिंग का निर्धारण करने के लिए अल्ट्रासाउंड करते समय, एक अल्ट्रासाउंड तकनीशियन वास्तव में लड़की के जननांग - लेबिया और भगशेफ की तलाश करेगा। 2 जब इन्हें देखा जाता है, तो इसे अक्सर "हैमबर्गर साइन" कहा जाता है। लेबियाल होठों के बीच स्थित भगशेफ दो बन्स, या तीन पंक्तियों के बीच एक हैमबर्गर जैसा दिखता है।
अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है?
अगर नब का कोण रीड की हड्डी से 30 डिग्री अधिक बनता है, तो यह गर्भ में लड़का होने की मौजूदगी का संकेत है। और इसी तरह अगर नव का कोण रीड की हड्डी से 30 डिग्री से कम बनता है, तो यह लड़की की मौजूदगी का संकेत है। अल्ट्रासाउंड या सोनोग्राफी में बच्चा लड़का होने का संकेत और लड़की होने का संकेत है।
अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट कैसे देखते हैं?