इस सप्ताह में भ्रूण का आकार लगभग खसखस के बीज जितना होता है। इस समय भ्रूण का आकार काफी छोटा है और उसके आसपास एम्निओटिक फ्लूइड बन गया है। भ्रूण इस दौरान कोशिकाओं की तीन भिन्न परतों से बना है जिससे शरीर के विशेष अंगों का विकास होगा। अंदरूनी परत एंडोडर्म है जो शिशु के पाचन तंत्र, लिवर और फेफडों में विकसित होगी
इसे एक जरूरी जांच के रूप में माना जाता है और ये गर्भधारण के ग्याहरवें हफ्ते से लेकर तेरहवें हफ्ते के बीच में होता है। 3-इसके बाद डबल मार्कर, जिसमें शिशु की ग्रोथ का सटीक अनुमान लगाया जाता है। 4-गर्भावस्था के 5वें और 6वें महीने में डॉप्लर टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है।
इसे एक जरूरी जांच के रूप में माना जाता है और ये गर्भधारण के ग्याहरवें हफ्ते से लेकर तेरहवें हफ्ते के बीच में होता है। 3-इसके बाद डबल मार्कर, जिसमें शिशु की ग्रोथ का सटीक अनुमान लगाया जाता है। 4-गर्भावस्था के 5वें और 6वें महीने में डॉप्लर टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है।
अल्ट्रासाउंड पर 4 सप्ताह की गर्भवती कैसी दिखती है?