गर्भावस्था का आठवां महीना
आपका बच्चा, जो अब लगभग 46 सेमी (18 इंच) लंबा है और उसका वजन लगभग 2.27 किलोग्राम (पांच पाउंड) है, वह परिपक्व होता रहेगा और शरीर में वसा के भंडार का विकास करता रहेगा। आप देख सकती हैं कि आपका शिशु अधिक लात मार रहा है। इस समय बच्चे का दिमाग तेजी से विकसित हो रहा होता है और वह देख और सुन सकता है।
आठवां महीना बहुत नाजुक होता है इसलिए इस समय आपको विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए।
अपनी प्रेग्नेंसी के आठवें महीने में आप अपनी गर्भावस्था के अंतिम चरण में हैं। इस समय बच्चे का आकार ऐसा है कि उसने आपके गर्भाशय को घेर रखा है इसलिए वह अब पहले की तरह आपके पेट में उछलकूद नहीं कर सकता। अब उसके करवट लेने या हाथ-पैरों को हिलाने-डुलने की गतिविधियां होती रहेंगी। अब आपको उसके मूवमेंट पर पूरा ध्यान रखना है। इनमें कमी या तेजी होते ही अपने डॉक्टर से संपर्क कीजिए।
देर तक खड़े न रहें
यह आठवें महीने की सबसे अहम सावधानी है। जैसे-जैसे बच्चे का वजन बढ़ता है आपके पेट और पेडू के इलाके में दबाव बढ़ता जाता है। अपने को झुकने से बचाने के लिए आप पीछे की ओर झुकती हैं। इससे आपकी पीठ में काफी दर्द होता है। इसलिए अपनी पीठ के दर्द को ध्यान में रखकर इस समय ज्यादा देर तक खड़े होने वाले काम न कीजिए।
पूरी नींद लें
इस समय बेहद जरूरी है कि आप कम से कम रात में आठ घंटे की नींद लें। इसके अलावा दिन में भी कुछ देर आराम अवश्य करें।
तनाव से दूर रहें
इस समय तनाव करने से बच्चे के ऊपर भी उसका असर पड़ता है। इसलिए तनाव से दूर रहें।
पीठ के बल न लेटें
आप अपनी पीठ के बल न लेटें। इस समय आपका वजन बहुत ज्यादा बढ़ गया है। पीठ के बल लेटना आपके लिए भी असहज होगा और बच्चे के लिए भी।
कई बार थोड़ा-थोड़ा खाएं
एक बार में ही भरपेट खाने की जगह आप थोड़ी मात्रा में कई बार खाएं। इससे एसिडिटी की समस्या नहीं होगी।
वॉक पर जरूर जाएं
सुबह-शाम आधे घंटे घूमने से शरीर में रक्त संचार ठीक रहेगा। इसके अलावा मनोदशा भी सुखद रहेगी और आप तनाव से दूर रहेंगी।
आठवें महीने में बच्चा पेट में कैसे रहता है?