पीरियड्स के दौरान शरीर में एंटीकोगुलेंट (Anticoagulant) बनता है, यह खून को पतला कर ब्लड क्लॉट कम करने में मदद करता है। जब Anticoagulant बनना कम हो जाते हैं तो खून के थक्के (Blood clots) आना शुरू हो जाते हैं।
हर महीने अपनी मेंस्ट्रुअल साइकिल (माहवारी) के दौरान एक महिला के साथ हॉर्मोन से जुड़े कई बदलाव होते हैं, जोकि आम तौर पर 3 से 7 दिन तक रहता है। पीरियड को छोड़कर अगर कभी आपको हल्का वजाइनल ब्लीडिंग देखने को मिलता है, तो इसे 'स्पॉटिंग' कहा जा सकता है। इस प्रकार की ब्लीडिंग का मतलब कोई बिमारी नहीं होता।
आप पीरियड क्लॉट्स को कैसे रोकते हैं?