गर्भावस्था के दौरान मां को ऐसे कई संकेत मिलते हैं जो ये बताते हैं कि गर्भ के अंदर शिशु बिल्कुल स्वस्थ है। वहीं गर्भस्थ शिशु को किसी भी तरह के खतरे से बचाने के लिए यह जानना जरूरी है कि अस्वस्थ भ्रूण से अलग स्वस्थ भ्रूण के होने पर क्या संकेत मिलते हैं।
यदि भ्रूण में कोई समस्या हुई तो मिसकैरेज हो सकता है। अस्वस्थ शिशु होने की स्थिति में मिसकैरेज होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है और ऐसा प्रेगनेंसी 20वें हफ्ते से पहले होता है।
अगर प्रेगनेंट महिला को यहां बताए गए संकेत मिल रहे हैं तो इसका मतलब है कि गर्भ में उनका शिशु स्वस्थ है।
शिशु की मूवमेंट
गर्भावस्था के लगभग पांच महीने के आसपास शिशु गर्भ में मूव करना शुरू कर देता है। छह महीने का गर्भस्थ शिशु आवाज सुनने पर मूवमेंट या झटके वाली मूवमेंट करने लगता है जो कि शिशु को हिचकी आने का संकेत हो सकता है।
ब्रेस्ट में बदलाव
प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं की ब्रेस्ट में कई तरह के बदलाव आते हैं जो कि हार्मोनल बदलाव की वजह से होता है। स्तनों के आकार में परिवर्तन आना इस बात का संकेत है कि शरीर में हार्मोनल बदलाव हो रहे हैं और आप हेल्दी प्रेगनेंसी की ओर हैं।
इसके अलावा प्रेगनेंसी में मॉर्निंग सिकनेस भी होती है। कुछ महिलाओं को मॉर्निंग सिकनेस ज्यादा होती है तो कुछ को कम। यह समस्या हेल्दी प्रेगनेंसी का संकेत होता है लेकिन अगर किसी प्रेगनेंट महिला को बिल्कुल भी मॉर्निंग सिकनेस नहीं हो रही है तो यह चिंता का विषय हो सकता है।
डिलीवरी से पहले शिशु का कम मूव करना
डिलीवरी से पहले शिशु पूरी तरह से विकसित हो चुका होता है और नौवे महीने में गर्भ के अंदर मूव करने के लिए उसके पास पर्याप्त जगह नहीं होती है। ऐसे में शिशु कम मूवमेंट करता है जो कि चिंता का विषय नहीं है। इस समय शिशु स्वयं को डिलीवरी के लिए तैयार कर रहा होता है। यदि इस दौरान प्रेगनेंट महिला को शिशु की धड़कन कम महसूस हो रही है तो यह अच्छा संकेत नहीं है।
प्रेगनेंसी के पांचवे हफ्ते के आसपास शिशु का दिल धड़कन शुरू कर देता है। प्रेगनेंसी की पहली तिमाही के अंत में इलेक्ट्रॉनिक फीटल मॉनिटरिंग से आसानी से बच्चे की धड़कन महसूस कर सकती हैं।
आपको कैसे पता चलेगा कि आपका बच्चा गर्भ में ठीक है?