निमोनिया के लक्षण:
बच्चों के बुखार, खांसी, सांस तेज चलना, पसली चलना या पसली धसना निमोनिया के लक्षण हैं। बच्चे में ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से इलाज कराएं।
निमोनिया से बच्चों का बचाव
बच्चे का टीकाकरण कराएं:
बच्चों को निमोनिया से बचाव करने के लिए पीसीवी वैक्सीन लगवाएं जो बीमारी से बचाव में बेहद कारगर है।
बच्चे की सफाई का ध्यान रखें:
खांसते हुए बच्चे की नाक और मुंह पर रूमाल रखें। कीटाणुओं को फैलने से रोकने के लिए अपने और अपने बच्चों के हाथ बार-बार धोते रहें।
बच्चों को पर्याप्त पोषण दें:
शिशु को पहले छह महीनों तक मां का ही दूध पिलाएं। मां का दूध बच्चे की इम्यूनिटी इम्प्रूव करेगा। मां के दूध में एंटीबॉडीज होती हैं जो बच्चे को रोगों से बचाने में मददगार साबित होती है।
आपको कैसे पता चलेगा कि आपके बच्चे को निमोनिया है?