गर्भावस्था में गर्भाशय का आकार बड़ा हो जाता है और मांसपेशियां खिंच जाती हैं। डिलीवरी के तुरंत बाद शरीर ढीला पड़ जाता है। यही कारण है कि कमर में दर्द शुरू हो जाता है। इस दर्द से छुटकारा पाने के लिए सिकाई एक अच्छा विकल्प है।
डिलीवरी के बाद कमर दर्द कब तक रहता है
आमतौर पर डिलीवरी के बाद 6 महीने के अंदर कमर दर्द चला जाता है। इतने समय में रिलैक्सिन हार्मोन का स्तर सामान्य हो सकता है और शरीर अपनी सामान्य अवस्था में आ जाता है। मांसपेशियों के टोन, जोड़ों के टाइट और शरीर के दोबारा मजबूत होने पर कमर दर्द चला जाता है।
हालांकि, कुछ मामलों में मां के ज्यादा भारी शारीरिक काम करने की वजह से 12 महीने तक दर्द रह सकता है। महिलाओं को इतने लंबे समय तक दर्द सहने की जरूरत नहीं है क्योंकि वे कमर दर्द के घरेलू इलाज अपनाकर इस दर्द से छुटकारा पा सकती हैं।
कमर दर्द के घरेलू उपाय
दिन में थोड़ी-थोड़ी देर में कमर की तेल से मालिश करें। मालिश से शरीर में रक्त प्रवाह बढ़ता है और मांसपेशियों में दर्द से राहत मिलती है।
कमर दर्द से राहत पाने के लिए गर्म या ठंडी सिकाई भी कर सकती हैं। गर्म या ठंडा वॉग्र बैग कमर के ऊपर लगाने से दर्द से आराम मिलेगा।
आप दर्द निवारक ऑइंटमेंट भी कमर पर लगा सकती हैं। इससे तुरंत आराम मिलेगा।
डिलीवरी के बाद कमर दर्द कैसे ठीक करें
डिलीवरी के बाद शिशु को लंबे समय तक गोद में उठाने से कूल्हों पर दबाव पड़ता है इसलिए ऐसा करने से बचें। हाई हील के फुटवियर न पहनें।
डिलीवरी के तुरंत बाद कोई शारीरिक गतिविध न करें। नौ महीने के प्रेगनेंसी के बाद मांसपेशियों और जोड़ों को आराम की जरूरत होती है। ज्यादा भारी चीजें उठाने से बचें और वेट ट्रेनिंग एक्सरसाइज न करें क्योंकि इनकी वजह से मांसपेशियों और जोड़ों पर दबाव पड़ सकता है।
आरामदायक पोजीशन में सोएं और सपोर्ट के लिए तकिए का इस्तेमाल करें।
ऑपरेशन के बाद कमर दर्द क्यों होता है?