एक नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि गैर-कार्डियक (non cardiac) मरीज के ऑपरेशन में जितना जोखिम नहीं होता उससे कई ज्यादा खतरा स्वास्थ्य लाभ लेने के दौरान होता है। क्योंकि उचित देखभाल न होने से कई बार मरीज की जान तक चली जाती है, लेकिन कार्डियक मरीजों के मामले में स्थिति ठीक उलट होती है। डॉक्टरों की जरा-सी चूक से मरीजों की जान आफत में आ सकती है।
डिस्चार्ज होने के बाद खतरा ज्यादा
सीएमएजे (Canadian Medical Association Journal, CMAJ) नामक जर्नल में प्रकाशित हुए अध्ययन में कहा गया है कि जिन मरीजों की गैर-कार्डियक सर्जरी यानी ऐसा ऑपरेशन जो दिल की बीमारी से संबंधित न हो, की जाती है, उनमें मृत्यु का खतरा अस्पताल की बजाय डिस्चार्ज होने के बाद ज्यादा होता है। ऐसे मरीजों की ऑपरेशन कक्ष में मौत की दर 0.7 फीसद, जबकि डिस्चार्ज होने के बाद मृत्यु दर 29 फीसद होती है।
सबसे अधिक मौतें ऑपरेशन के बाद
वैज्ञानिकों की मानें तो सबसे ज्यादा लापरवाही ऑपरेशन के बाद ही होती है। मैकमास्टर यूनिवर्सिटी (McMaster University) के पीजे देवरको (PJ Devereaux) जो इस अध्ययन के लेखक भी हैं, ने कहा कि गैर-कार्डियक सर्जरी से गुजरने वाले वयस्कों में सबसे अधिक मौतें ऑपरेशन के बाद होती हैं, लेकिन यदि डिस्चार्ज होने के बाद मरीज की ठीक से देखभाल की जाए तो मौत के आंकड़ा कम किया जा सकता है।
सर्जरी के 30 दिनों के भीतर 1.8 फीसद मरीजों की मौत
इस अध्ययन में उत्तर और दक्षिण अमेरिका, एशिया, यूरोप, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में 45 वर्ष या उससे अधिक आयु के 40,004 वयस्कों को शामिल किया गया था, जिन्होंने 2007 और 2013 के बीच सर्जरी करवाई थी। अध्ययन के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। शोधकर्ताओं ने पाया गया कि गैर-कार्डियक सर्जरी के 30 दिनों के भीतर 1.8 फीसद मरीजों की मृत्यु हो गई, जिसका मुख्य कारण रक्तस्नाव, हृदय की मांसपेशियों में गंभीर संक्रमण है। इससे लगभग 45 फीसद लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।
10 करोड़ वयस्कों की होती है सर्जरी
पीजे देवरको (PJ Devereaux) ने कहा कि दुनिया भर में हर साल लगभग लगभग 10 करोड़ वयस्क गैर-कार्डियक सर्जरी (non-cardiac surgery) करवाते हैं। एक अनुमान के मुताबिक, 1.8 मिलियन यानी 18 लाख लोगों की सर्जरी के 30 दिनों के भीतर कई परेशानियों के कारण मौत हो जाती है। इसका मतलब यह है कि सर्जरी के बाद मृत्यु एक प्रमुख वैश्विक स्वास्थ्य समस्या है।
उचित देखभाल है जरूरी
शोधकर्ताओं ने सर्जरी के बाद के खतरों को लेकर कुछ खास टिप्स भी दिए हैं। वैज्ञानिकों ने कहा है कि इस समस्या से निपटने के लिए मरीजों के साथ-साथ उनके संबंधियों को भी यह ध्यान रखना होगा कि कहीं उनका खून ज्यादा तो नहीं बह रहा। यदि हां, तो उसे रोकने के लिए तुरंत इंतजाम किए जाने की जरूरत है। सीने में संक्रमण होने की स्थिति में मरीज को समय पर दवाएं और उसके भोजन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
ऑपरेशन के बाद कितने दिन ठीक होता है?