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ऑपरेशन के बाद मछली खाना चाहिए?

Language: Hindi | Published: 22 Jul 2021 | Views: 18
ऑपरेशन के बाद मछली खाना चाहिए?
सिजेरियन डिलीवरी के बाद जरूरी खाएं ये 6 चीजें

सिजेरियन डिलीवरी के बाद रिकवरी में बहुत समय लग जाता है लेकिन अगर आप न्‍यूट्रिशनल डायट लें तो रिकवरी का समय कम हो सकता है।
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सिजेरियन डिलीवरी कोई छोटा ऑपरेशन नहीं है और दुनियाभर में सबसे ज्‍यादा होने वाली सर्जरी में से एक सिजेरियन भी है। इस सर्जरी के बाद रिकवरी के लिए अच्‍छी देखभाल की जरूरत होती है इसलिए इस समय पौष्टिक आहार बहुत जरूरी होता है।

जल्‍दी रिकवरी और शिशु के लिए स्‍तनों में दूध बढ़ाने के लिए आपको संतुलित आहार लेना ही होगा।

डिलीवरी के बाद क्‍यों जरूरी है न्‍यूट्रिशियन
नॉर्मल डिलीवरी या सिजेरियन डिलीवरी के बाद जल्‍दी रिकवरी और एनर्जी के लिए न्‍यूट्रिशियन की जरूरत होती है। स्‍तनपान करवाने वाली नई मांओं को दिन में 450 से 500 तक अधिक कैलोरी की जरूरत होती है। उन्‍हें कई तरह के विटामिन और खनिज पदार्थ भी अधिक चाहिए होते हैं।
आइए जानते हैं कि सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं को किन न्‍यूट्रिएंटस की जरूरत होती है।
नॉर्मल डिलीवरी को महिलाओं के लिए सबसे सही माना जाता है, क्‍योंकि इसके बाद रिकवर करने में कम समय लगता है।
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यदि प्रेगनेंसी में कोई परेशानी हो तो सिजेरियन डिलीवरी करवाई जाती है। इस प्रक्रिया में मां के पेट पर कट लगाकर बच्‍चे को बाहर निकाला जाता है। यह एक बड़ा ऑपरेशन होता है। कई महिलाएं प्रसव पीड़ा से बचने के लिए सिजेरियन का विकल्‍प पहले से ही चुन लेती हैं।

वहीं, अगर प्रेगनेंसी के दौरान किसी तरह की जटिलता का पता चले या पेट में जुड़वां या तीन बच्‍चे हों या बच्‍चा उल्‍टा हो गया हो तो इस स्थिति में सिजेरियन ऑपरेशन करना पड़ता है। इस सर्जरी के बाद प्रेगनेंट महिला को रिकवर करने में अधिक समय लगता है।
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इसमें कई तरह से डिलीवरी करवाई जाती है, जैसे कि :
फोरसेप्‍स : बड़े चम्‍मच जैसा दिखने वाला उपकरण जिसे फोरसेप्‍स कहते हैं। डॉक्‍टर इससे शिशु के सिर को पकड़ कर बर्थ कैनाल से बाहर निकालते हैं।वैक्‍यूम एक्‍सट्रैक्‍शन : फोरसेप्‍स की तरह ही वैक्‍यूम डिलीवरी होती है। इसमें डॉक्‍टर शिशु के सिर पर प्‍लास्टिक कप लगाकर बर्थ कैनाल से बाहर खींचते हैं।एपिसिओटोमी : इसमें योनि मुख और गुदा के बीच के ऊतक पर एक कट लगाया जाता है। इस ऊतक को पेरिनियम कहते हैं। जब शिशु को जल्‍दी से डिलीवर करवाना होता है, तभी इस तरह की डिलीवरी करवाई जाती है।एमनिओटोमी : इसमें डॉक्‍टर एमनिओटिक थैली के खुलने वाली जगह पर एक छोटा प्‍लास्टिक हुक लगाते हैं। इसमें योनि से तेजी से पानी निकलता है।

हो सकता है कि जिन महिलाओं की पहले सिजेरियन डिलीवरी हुई हो, उनकी बाद में नॉर्मल डिलीवरी हो। जब तक लेबर पेन शुरू नहीं होता, तब तक सिजेरियन ऑपरेशन नहीं किया जाता है। पहली बार में ऑपरेशन से डिलीवरी होने पर दूसरी बार नॉर्मल डिलीवरी हो तो यूट्राइन रप्‍चर का खतरा रहता है।

इस तरह कई प्रकार की डिलीवरी होती हैं और प्रेगनेंट महिला की स्थिति के आधार पर ही डॉक्‍टर यह तय करते हैं कि प्रेगनेंट महिला की किस तरह की डिलीवरी करनी है।

प्रोटीन
नई कोशिकाओं के ऊतकों के विकास के लिए और घाव को भरने में प्रोटीन मदद करता है। प्रोटीन से युक्‍त चीजें ऊतकों को ठीक करने और सर्जरी के बाद मांसपेशियों को मजबूती देने का काम करती हैं। मछली, अंडे, चिकन, डेयरी उत्‍पादों, मीट, मटर, बींस और नट्स में प्रोटीन होता है।
इन चीजों में उच्‍च मात्रा में प्रोटीन होता है जो कि आवश्‍यक अमीनो एसिड का भी स्रोत है। यह मां और बच्‍चे दोनों के लिए जरूरी है।

कैल्शियम
कैल्शियम मांसपेशियों को आराम देता है और हड्डियों व दांतों को मजबूत बनाता है। इससे खून जमने में मदद मिलती है। कैल्शियम की कमी के कारण हड्डियों का घनत्‍व प्रभावित होता है और ऑस्टियोपोरोसिस तक हो सकता है। इसलिए अपनी डायट में कैल्शियम जरूर रखें।

दूध, योगर्ट, चीज, टोफू, केल और पालक में कैल्शियम होता है। दूध पिलाने वाली 14 से 18 उम्र की महिलाओं को 1,300 मिग्रा और 19 से अधिक उम्र की महिलाओं को 1,000 मिग्रा कैल्शियम रोज लेना चाहिए।

आयरन
मां में हीमोग्‍लोबिन लेवल को बढ़ाने के लिए आयरन जरूरी होता है। नवजात शिशु के न्‍यूरोलॉजिकल विकास के लिए भी आयरन जरूरी होता है। अंडे, रेड मीट, ऑएस्‍टर, अंजीर, बींस और सूखे मेवों में भरपूर आयरन होता है। 14 से 18 की उम्र में 10 मिग्रा आयरन और 19 के बाद 9 मिग्रा आयरन रोज चाहिए होता है।

विटामिन सी
दूध पिलाने वाली मांओं को 120 मिग्रा विटामिन सी चाहिए होता है। इसमें मां और बच्‍चे दोनों का इम्‍यून सिस्‍टम मजबूत होता है। डिलीवरी के बाद भी विटामिन सी आवश्‍यक होता है क्‍योंकि यह कोलाजन बनाने में मदद करता है। संतरे, तरबूज, पपीता, स्‍ट्रॉबेरी, चकोतरा, शकरकंद, टमाटर और ब्रोकली विटामिन सी से भरपूर होता है।

मल्‍टी विटामिन
सी सेक्‍शन ऑपरेशन के बाद मां और बच्‍चे की सेहत के लिए न्‍यूट्रिशियन बहुत जरूरी होता है। डॉक्‍टर आपको बताएंगे कि आपकी स्‍वास्‍थ्‍य स्थिति के अनुसार आपको कौन सा मल्‍टीविटामिन लेना है।

फाइबर
फाइबर से कब्‍ज नहीं होती है और ऑपरेशन के बाद कब्‍ज होना आपके लिए बहुत बुरा हो सकता है। इसलिए अपनी डायट में फाइबर को जरूर शामिल करें। साबुत अनाज, कच्‍चे फल और सब्जियों में खूब फाइबर होता है। हालांकि, फाइबर लेने के साथ पानी की मात्रा भी बढ़ा दें।
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