बच्चों को ग्राइप वाटर कब देना चाहिए? –
छै महीने तक बच्चा केवल मां के दूध पर निर्भर रहता है और उसका पाचन तंत्र भी पूर्ण रूप से विकसित नहीं हुआ होता है अतः इससे पहले बच्चे को ग्राइप वाटर पिलाना उचित नहीं है.
जब बच्चा छै माह का पूरा हो जाता है तो उसके बाद आप उसे ग्राइप वाटर दे सकते हैं. जब बच्चे का पेट खाली हो तब उसे ग्राइप वाटर नहीं देना चाहिए क्योंकि, ग्राइप वाटर में आल्कलाइन यानि क्षारीय सोडियम बाई कार्बोनेट मौजूद होता है जिससे शिशु के पेट पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है.
शिशु के पेट फूलने, अपच, कॉलिक पेन, हिचकी आने और दांत आते समय होने वाले दर्द को कम करने के लिए ग्राइप वाटर का प्रयोग किया जाता है. जब भी आपका बच्चा गैस के दर्द से, पाचन में गड़बड़ी से, दांत आते समय होने वाले दर्द से या पेट फूलने से परेशान हो तो ऐसी स्थिति में आप बच्चे को ग्राइप वाटर पिला सकती हैं. इससे बच्चे को आराम मिलेगा.
किस उम्र में बच्चे को ग्राइप वाटर देना चाहिए?