गर्भपात के एक हफ्ता के बाद ही महिला का शरीर ओव्युलेट करने के लिए तैयार हो जाता है जिसके कारण इस दौरान संबंध बनाने पर गर्भधारण की संभावना होती है लेकिन इससे महिला के शरीर पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए गर्भनिरोधक उपाय का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि गर्भधारण न हो।
गर्भपात के बाद फिर से गर्भ धारण करने के लिए कम से कम तीन महीने के लिए प्रतीक्षा करना एक अच्छा विचार होगा। इस समय का इस्तेमाल प्रसवपूर्व के फोलिक एसिड व अपनी सेहत को सुधारने के लिए किया जा सकता है तथा गर्भपात का कारण बनें वाले थायराइट व इन्सुलिन को जांचने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
गर्भपात के बाद निवारक उपाय नहीं किये गए तो एक सप्ताह के बाद फिर से गर्भ धारण हो सकता है। गर्भपात के तुरंत बाद महिला का शरीर अण्डोत्सर्ग उत्पन्न करना शुरु कर देता है। डॉक्टर की सलाह अनुसार "शरीर को ठीक होने में कुछ महीनों का समय लग सकता है, इसलिए तीन महीनों के लिए प्रतीक्षा करने में ही समझदारी है। इसके अलावा, 80% गर्भपात गुणसूत्र विपथन के कारण होते हैं तथा शुक्राणु को परिवर्तिन होने में 2.5 महीने का समय लगता है, इसलिए प्रतीक्षा करने में ही बु्द्धिमानी है।"
जोखिम:
हालांकि दूसरा गर्भपात भी सुरक्षित हो सकता है, लेकिन शरीर में कुछ पोषण तत्वों की कमी हो सकती है जो आपके लिए चिंता का विषय बन सकते हैं। गर्भपात के तुरंत बाद गर्भ धारण करना संभव है परंतु अविवेकी है। चूंकि आपके शरीर में कई पोषण तत्वों की कमी होती है इस कमी को पूर्ण करने के लिए थोडा समय देना जरुरी है।
कैसे जल्दी ही एक गर्भपात के बाद आप गर्भवती प्राप्त कर सकते हैं?