कई सालों से गर्भ निरोधक के रूप में आईयूडी के कई तरीकों में से कॉपर-टी बहुत पॉपुलर है। आपने भी कॉपर-टी के बारे में तो सुना ही होगा और ये भी जानती ही होंगी प्रेग्नेंसी से बचने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।
लेकिन क्या आप ये जानती हैं कि कॉपर-टी लगवाने के कुछ नुकसान भी होते हैं। जी हां, आगे इस आर्टिकल में हम आपको कॉपर-टी के फायदों और नुकसानों के बारे में ही बताने जा रहे हैं।
क्या है कॉपर-टी
कॉपर इंट्रायूट्राइन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस को कॉपर-टी कहते हैं। यह T की शेप में एक प्लास्टिक का डिवाइस होता है जिसे डॉक्टर गर्भाशय के अंदर फिट कर देते हैं। इससे प्रेग्नेंसी रूक जाती है और महिला को गर्भधारण नहीं होता है। जब आप गर्भवती होना चाहती हैं, तो कॉपर-टी हटवा सकती हैं। यह गर्भनिरोधक का सबसे असरकारी और सुरक्षित तरीका है।
यह डिवाइस गर्भाशय के अंदर कॉपर को रिलीज करता है जो स्पर्म की गतिशीलता को कम कर देता है। इससे इंप्लांटेंशन के लिए यूट्राइन लाइनिंग नहीं बन पाती है। कॉपर-टी 3, 5 या 10 सालों तक चल सकती है लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने किस तरह का डिवाइस लगवाया है।
कितनी प्रभावशाली होती है कॉपर-टी
एक साल के लिए 100 में से केवल 1 महिला में कॉपर-टी का फेलियर रेट देखा गया है। इसका मतलब है कि एक साल में 100 में से सिर्फ एक महिला के कॉपर-टी लगवाने के बाद गर्भवती होने के चांसेस होते हैं।
कॉपर-टी लगवाने के साइड इफेक्ट्स
आपके पीरियड्स के पैटर्न में कुछ बदलाव हो सकता है। इसे लगवाने के बाद पहले कुछ महीनों में दर्द और ज्यादा ब्लीडिंग हो सकती है।
कुछ महिलाओं को पेट के निचले हिस्से में ऐंठन और कमर दर्द महसूस हो सकता है।
योनि में इंफेक्शन होने का खतरा भी बढ़ सकता है।
1000 में से एक महिला में आईयूडी से गर्भाशय की दीवार में छेद हो सकता है और ये गर्भाशय से बाहर आ सकती है। इसे फिर सर्जरी से निकालना पड़ता है।
कॉपर टी लगवाने के बाद कितने दिन ब्लीडिंग होती है?