गर्भपात से पहले गर्भाशय का आकार बढ़ जाता है और धीरे-धीरे यह अपने सामान्य आकार में आ जाता है। कभी-कभी इस दौरान माहवारी के दर्द से भी खतरनाक दर्द होता है। अक्सर महिलाओं को गर्भपात के तीसरे-चौथे दिन थक्के बनने की शिकायत होती है।
डिलीवरी जैसा होता है दर्द
सर्जरी से अबॉर्शन करने पर बेहोश कर दिया जाता है और दर्द को कम करने के लिए दवा दे दी जाती है जिससे दर्द महसूस नहीं होता है। वहीं इसके बाद अगले दो महीनों में जो अबॉर्शन होता है, वो डिलीवरी की तरह ही होता है। इसमें दवा की मदद से दर्द शुरू कर के बच्चे को प्रसव की तरह की बाहर निकाला जाता है।
क्या 1 महीने में गर्भपात दर्दनाक है?