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क्या 2 साल का बच्चा बूस्ट ले सकता है?

Language: Hindi | Published: 17 Oct 2022 | Views: 18
क्या 2 साल का बच्चा बूस्ट ले सकता है?
बड़ों के मुकाबले बच्‍चों की इम्युनिटी पॉवर थोड़ी कमजोर होती है। बच्‍चों को वायरस और फ्लू आदि जल्‍दी अपनी चपेट में ले लेते हैं क्‍योंकि उनकी इम्युनिटी कमजोर होती है। बच्‍चों के आहार में कुछ चीजों को शामिल कर आप उनकी इम्युनिटी को बढ़ा सकते हैं। जी हां, अगर आपका बच्‍चा कमजोर है और जल्‍दी बीमार पड़ जाता है तो आपको उसकी डायट में यहां बताई गई चीजों को जरूर शामिल करना चाहिए।


​पत्तेदार सब्जियां

पत्तागोभी, फूलगोभी, पालक, ब्रोकली, पार्सले, केल जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां संक्रमण से लड़ने और बचाने में मदद करती है। इनमें विटामिन ए, सी और के, कैल्शियम, आयरन, मैग्‍नीशियम और पोटैशियम जैसे पोषक तत्‍च और माइक्रो न्‍यूट्रिएंट्स होते हैं। ये बीटा कैरोटीन जैसे एंटीऑक्‍सीडेंट से भी युक्‍त होती हैं जो कि इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत करने के लिए जरूरी है।


​सियान पैपर

सियान पैपर में कैप्‍सेसिन नामक तत्‍व होता है जो कि विटामिन सी का प्रमुख स्रोत है। ये इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत कर जुकाम और फ्लू से लड़ने में मदद करता है। एक चम्‍मच सियान पैपर में आरडीआई विटामिन-ए का 44 फीसदी होता है। ये तत्‍व इम्‍यूनिटी को बढ़ाने और संक्रमण से लड़ने में अहम भूमिका निभाता है।
कद्दू

ये सब्‍जी एंटीऑक्‍सीडेंट, विटामिन-ए, विटामिन-सी, मैंगनीज, मैग्‍नीशियम और फोलेट से भरपूर होती है। कद्दू में विटामिन-ए की रोजाना की जरूरत का 245 फीसदी हिस्‍सा होता है।

​खट्टे फल

संतरा, नींबू और अमरूद जैसे खट्टे फलों में उच्‍च मात्रा में विटामिन-सी होता है एवं यह एंटीऑक्‍सीडेंट से भी युक्‍त होता है। इसके अलावा सिट्रस फल आयरन जैसे पोषक तत्‍वों को अवशोशित करने में भी शरीर की मदद करते हैं और इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत बनाते हैं।

​खुबानी

खुबानी को सूजन-रोधी गुणों के लिए जाना जाता है। इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट पाए जाते हैं जो कि इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत बनाने और शरीर को बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं। ये विटामिन-ए, विटामिन-सी, पोटैशियम और प्रचुर डायट्री फाइबर से भरपूर होते हैं।
दालें

दालों में प्रोटीन, फाइबर, फोलेट, आयरन, कैल्शियम, मैग्‍नीशियम, जिंक और पोटैशियम प्रचुर मात्रा में होता है। प्रोटीन पाने का ये सबसे आसान तरीका है। दालों में फाइटोकेमिल भी होते हैं जो गंभीर बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं।

​मटर

हरी मटर में ह्रदय को स्‍वस्‍थ रखने वाले पोषक तत्‍व जैसे कि विटामिन ए, बी1, बी6 और सी होता है। ये फ्लेवेनॉएड, कैरोटीनोइड, फेनोलिक एसिड और पॉलीफेनोल जैसे एंटीऑक्‍सीडेंट से युक्‍त होते हैं। इसके अलावा एक कप मटर में 8 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है।


​सूखे मेवे और बीज

बादाम, अखरोट, पिस्‍ता, काूज और मूंगफली एवं बीज जैसे कि कद्दू के बीज, अलसी के बीज, चिया सीड्स और तिल के बीज प्रोटीन, हैल्‍दी फैट, फाइबर, विटामिन और खनिज पदार्थों को अच्‍छा स्रोत होते हैं। ये विटामिन ई से भरपूर होते हैं जो कि एक महत्‍वपूर्ण एंटीऑक्‍सीडेंट है और इम्‍यूनिटी बढ़ाता है।
​दही

दही में हैल्‍दी बैक्‍टीरिया होता है जो पेट को स्‍वस्‍थ रखने में मदद करता है। दही में गुड बैक्‍टीरिया या प्रोबायोटिक भी होते हैं जो बीमारियों को दूर रखते हैं।


हल्‍दी

हल्‍दी में करक्‍यूमिन नामक तत्‍व होता है जिसमें एंटीमाइक्रोबियल, एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेट्री गुण होते हैं। सदियों से बीमारियों से लड़ने और शरीर को मजबूत बनाने के लिए हल्‍दी का इस्‍तेमाल किया जाता रहा है।
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