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क्या 34 सप्ताह को 9 महीने की गर्भवती माना जाता है?

Language: Hindi | Published: 22 Oct 2022 | Views: 15
क्या 34 सप्ताह को 9 महीने की गर्भवती माना जाता है?
36 सप्‍ताह के शिशु को लेट प्रीटर्म माना जाता है। इसका मतलब है कि बच्‍चा प्रीटर्म यानी जल्‍दी पैदा हुआ, लेकिन प्रीटर्म के महीनों के हिसाब से थोड़ा लेट जन्‍म हुआ है। ऑब्‍स्‍टेट्रिक्‍स एंड गायनेकोलोजी के अनुसार, 34 और 36 सप्‍ताह के बीच पैदा हुए बच्‍चे लेट प्रीटर्म वाले होते हैं।

34 सप्ताह की गर्भावस्था में भ्रूण विकास
इस सप्ताह तक आपका शिशु एक मध्यम आकार के खरबूजे जितना हो गया है। उसका वजन भी अब 2.1 किलोग्राम से थोड़ा ज्यादा है। उसकी लंबाई सिर से एड़ी तक करीब 45 सें.मी. (17.7 इंच) हो गई है। आपके लिए यह एक राहत की बात हो सकती है कि 34 सप्ताह की गर्भावस्था में जन्मे शिशु गर्भ के बाहर जीवित रहने और फलने-फूलने में सक्षम होते हैं, बशर्ते उन्हें कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या न हो।

आपके शिशु के शरीर पर चर्बी चढ़ना जारी है। चर्बी की ये परतें जन्म के बाद उसे शरीर का तापमान नियंत्रित करने में मदद करेंगी। हालांकि, फिर भी आपको यह सुनिश्चित करने की जरुरत होगी कि शिशु को ज्यादा गर्मी या सर्दी न लगे।

आपका शिशु पहले से ही आपकी आवाज पहचानता है, मगर अब शायद उसके लिए लोरियों और गानों को भी पहचाना संभव है। ऐसा इसलिए क्योंकि उसके कान का जो हिस्सा मस्तिष्क तक संदेश भेजता है (कॉक्लीया), वह अब अधिक परिपक्व होता जा रहा है।

शोध दर्शाती है कि यदि आप गर्भस्थ शिशु को गाना गाकर सुनाती हैं, तो जन्म के बाद भी वह गाना सुनकर शिशु के शांत होने की पूरी संभावना होती है। यह अपने शिशु के साथ प्यार भरा बंधन बनाने का भी अच्छा तरीका है। गर्भ संस्कार संगीत सुनने का यह अच्छा समय है।

नोट:विशेषज्ञों का कहना है कि हर शिशु अलग ढंग से विकसित होता है- गर्भाशय में भी। ये भ्रूण विकास की जानकारी आपको इस बात का सामान्य अंदाजा देती है कि गर्भ में शिशु किस तरह बढ़ रहा है।
गर्भावस्था के 34वें सप्ताह में शारीरिक परिवर्तन

हो सकता है आपको अब फिर से अपचता (इनडाइजेशन) होने लगी हो, क्योंकि गर्भस्थ शिशु आपके पेट में ऊपर की तरफ दबाव डाल रहा है।
थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन करती रहें और कोशिश करें कि भोजन के तुरंत बाद लेटे नहीं। रात को खाना खाने के बाद अच्छी नींद लेना शायद आपको बेहतर लगे, मगर खाना खाने के बाद जल्दी ही सो जाने से आपको पेट में फुलावट और असहजता हो सकती है।

जैसे-जैसे आपकी गर्भावस्था बढ़ती है, हो सकता है आप पाएं कि आपको बहुत आसानी से थकान हो जाती है। आपका बढ़ता पेट आपकी पीठ पर अतिरिक्त दबाव डालेगा और आपको बैठी या लेटी हुई अवस्था से उठने में अधिक मुश्किल हो सकती है। अपनी पीठ और श्रोणि क्षेत्र का बचाव करने और दर्दभरी मांसपेशियों से राहत के सुझावों के लिए हमारा यह स्लाइडशो देखें।
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