36वें सप्ताह में शिशु का पैदा होना सही नहीं माना जाता है। एक समय पर 37वें हफ्तों को गर्भस्थ शिशु के लिए फुल टर्म (मतलब कि गर्भ में शिशु का पूरा विकास हो चुका है) कहा जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है।
36 सप्ताह की गर्भावस्था में भ्रूण विकास
आपके शिशु का वजन अब करीब 2.6 किलोग्राम हो चुका है। उसकी लंबाई अब 47.4 सें.मी. (18.7 इंच) से थोड़ी ज्यादा है, जो कि एक बड़े रोमेन लैटस (सलाद के पत्ते) जितनी है। इस सप्ताह के बाद से आपकी गर्भावस्था को पूर्ण अवधि (फुल टर्म) की गर्भावस्था कहा जाएगा, इसका मतलब है कि आपका शिशु अब किसी भी दिन जन्म लेने के लिए तैयार है। ध्यान रखें कि केवल पांच प्रतिशत शिशु ही अपने जन्म की नियत तिथि पर पैदा होते हैं।
शिशु के शरीर से बचे हुए रोएंदार लेनुगो बाल और वर्निक्स कैसिओसा झड़ना जारी रहते हैं। वर्निक्स कैसिओसा एक सुरक्षात्मक तत्व होता है, तो शिशु की त्वचा को ढके रखता है। शिशु इन बालों और त्वचा को निगल लेगा और अपनी आंतों में मिकोनियम के तौर पर संग्रहित कर लेगा। मिकोनियम काले या हरे रंग का चिपचिपा तत्व होता है। मिकोनियम ही शिशु का पहला मल होता है।
आपकी डॉक्टर अगले चेक-अप के दौरान आपके शिशु की अवस्था को जांचेंगी। इस बात की संभावना होती है कि आपका शिशु सफैलिक अवस्था में होगा, जिसका मतलब है कि उसका सिर नीचे की तरफ होगा। हो सकता है उसका सिर थोड़ा और नीचे की तरफ आपके श्रोणी क्षेत्र में आ गया हो, यानि कि वह जन्म के लिए तैयार है। इस अवस्था को शिशु का सिर एंगेज्ड होना बोलते हैं।
यदि ऐसा हो, तो आपको शायद अपना पेट थोड़ा नीचे की तरफ खिसका हुए लगेगा और आपको सांस लेने के लिए अब अधिक जगह मिल रही होगी। इसे 'लाइटनिंग' कहा जाता है। हालांकि, इसका मतलब है कि आपका शिशु जन्म के लिए तैयार है, मगर यह जरुरी नहीं है कि वह अभी जन्म लेगा।
यदि आपके शिशु का सिर नीचे श्रोणी क्षेत्र में अभी तक न आया हो, तो भी निराश न हों। कई शिशु प्रसव शुरु होने से पहले तक श्रोणी क्षेत्र में नहीं आते हैं।
गर्भावस्था के 36वें सप्ताह में शारीरिक परिवर्तन
क्या शिशु के गर्भाशय में होने के बावजूद अभी से आपके स्तनों से रिसाव हो रहा है? यह एकदम सामान्य है और इसका मतलब यह कतई नहीं है कि जब शिशु को जरुरत होगी तब आपके पास कोलोस्ट्रम यानि स्तनों से निकलने वाले पहले अमूल्य दूध की कमी होगी। नई माँओं के लिए शिशु को स्तनपान करवाने की युक्तियों के बारे में हमारा यह लेख पढ़ें।
गर्भावस्था में होनी वाली असहजताएं जैसे कि सीने में जलन, गैस और टांगों में ऐंठन आदि की वजह से शायद आप अच्छी तरह सो नहीं कर पा रही होंगी। बहरहाल, शिशु के आने के अब कुछ ही दिन बचे हैं, इसलिए इस समय आप जितना अधिक आराम कर सकती हों, करें।
क्या 36 सप्ताह को 9 महीने की गर्भवती माना जाता है?