बच्चे का तेजी से बढ़ना, क्या टेंशन की है बात? ये संकेत मिलने पर हो जाएं रिलैक्स
अब तक आपने यही सुना होगा कि बच्चे का विकास धीमा हो रहा है या वो उसकी डेवलपमेंट उसकी उम्र के हिसाब से देरी से हो रही है लेकिन क्या कभी आपने ये सुना है कि कुछ बच्चों का विकास तेजी से भी होता है। जी हां, इसे ग्रोथ स्पर्ट कहते हैं।
signs of growth spurt in babies or infants
बच्चे का तेजी से बढ़ना, क्या टेंशन की है बात? ये संकेत मिलने पर हो जाएं रिलैक्स
जन्म के बाद पहले साल में शिशु का विकास (baby development) बहुत तेजी से होता है। हम सभी जानते हैं कि हर बच्चा अलग होता है और उसके विकास की गति भी कभी भी एक जैसी नहीं हो सकती है। कुछ बच्चों का विकास अपनी उम्र के हिसाब से ठीक होता है, तो वहीं कुछ बच्चे अपनी उम्र के बच्चों से कुछ महीने पीछे रहते हैं। इसके अलावा कुछ बच्चे ऐसे भी होते हैं, जो अपनी उम्र से ज्यादा तेज गति से विकास करते हैं। जी हां, इस स्थिति को ग्रोथ स्पर्ट्स (Growth spurts) कहते हैं। ग्रोथ स्पर्ट्स का मतलब है कम समय में बच्चे की लंबाई और वजन में तेजी से वृद्धि होना।
इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे संकेतों के बारे में बता रहे हैं जिनकी मदद से आप समझ या जान सकते हैं कि आपके बच्चे को ग्रोथ स्पर्ट्स है।
भूख बढ़ना
आप जब भी बेबी को दूध पिलाती हैं, वो भूखा ही लगता है। बेबी को दिन में आठ बार की बजाय 12 से 14 बार दूध पिलाना पड़ सकता है। ऐसा ग्रोथ स्पर्ट के दौरान होता है। बच्चे की बढ़ी हुई भूख का असर कुछ दिनों तक ही रहना चाहिए।
फीडिंग रूटीन का बदलना
हो सकता है आपके बच्चे को दिन और शाम को अलग-अलग समय पर भूख लगे। ये बिलकुल नॉर्मल है और आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है।
आपसे चिपका रहता है
हो सकता है कि आपका बेबी हर वक्त गोद में रहना चाहे और नीचे रखते ही रोना शुरू कर दे। एक्स्पर्ट्स का कहना है कि ग्रोथ स्पर्ट वाले बच्चों का विकास जल्दी होता है इसलिए वो किसी नए स्किल जैसे कि करवट लेने या घुटनों के बल चलकर आपको अचानक से चौंका सकते हैं।
चिड़चिड़ा हो जाता है बच्चा
ग्रोथ स्पर्ट के दौरान बच्चे का चिड़चिड़ा होना नॉर्मल है। रात की बजाय दिन के समय बच्चा ज्यादा चिड़चिड़ा लग सकता है। ये सब कुछ दिनों में ही ठीक हो जाता है लेकिन अगर आपको बेबी की चिंता हो रही है, तो आप एक बार डॉक्टर से इस बारे में बात कर सकते हैं।
ज्यादा नींद ले सकता है
विकास, एक थका देने वाली प्रक्रिया है। नींद के दौरान बच्चे का मस्तिष्क ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन नाम का प्रोटीन बनाता है। इसलिए ग्रोथ स्पर्ट के दौरान बच्चे के ज्यादा सोने पर हैरान होने की जरूरत नहीं है।
आप देख सकते हैं कि आपका बच्चा दिन के समय ज्यादा बार झपकी ले रहा है या रात में देर तक सो रहा है।
वजन बढ़ना
हो सकता है कि आपने बच्चे की ग्रोथ को नोटिस ना किया हो लेकिन उसके बढ़ते वजन पर आपकी नजर गई हो। ग्रोथ स्पर्ट्स में अक्सर बच्चे का वजन बढ़ जाता है।
ऐसे में आप बार-बार बेबी का वेट ना तोलें। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि दो हफ्ते और 6 महीने के बच्चे का वजन महीने में एक बार करना चाहिए और 6 से 12 महीने के बच्चे का वजन हर दो महीने में एक बार देखना चाहिए।
क्या 7 महीने में ग्रोथ स्पर्ट है?