प्रेग्नेंसी में खीरा खाने के फायदे, नुकसान और तरीका
खीरे को बहुत पौष्टिक माना जाता है और गर्भवती महिलाओं को हमेशा पौष्टिक फल-सब्जियां खाने की ही सलाह दी जाती है लेकिन प्रेगनेंट महिलाओं को खीरा खाने से पहले इसके फायदे और नुकसान से जुड़ी जानकारी ले लेनी चाहिए।
गर्मी के मौसम में खीरा खूब पसंद किया जाता है। पानी से भरपूर होने के कारण खीरा स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है और शायद इसलिए प्रेगनेंट महिलाएं खीरे को अपनी डायट में शामिल करती हैं ताकि उन्हें और उनके गर्भस्थ शिशु को सभी जरूरी पोषक तत्व मिल सकें।हालांकि, गर्भावस्था में खीरा खाने से पहले गर्भवती महिलाओं को प्रेग्नेंसी में खीरा खाने के फायदे और नुकसान के बारे में जान लेना चाहिए।
प्रेग्नेंसी में खीरा खाना चाहिए या नहीं
आपको जानकर हैरानी होगी कि आमतौर पर प्रेग्नेंसी में खीरा खाने की सलाह नहीं दी जाती है। इसकी वजह से एलर्जी हो सकती है और खीरे में नमक एवं पानी की मात्रा अधिक होने के कारण बार-बार पेशाब आने, डकार आने और अपच की समस्या भी हो सकती है।
हालांकि, ऐसा जरूरी नहीं है कि गर्भवती महिलाएं खीरा बिल्कुल नहीं खा सकती हैं। थोड़ी मात्रा में खीरे का सेवन सुरक्षित रहता है।
गर्भावस्था में खीरा खाने के फायदे
विटामिनों से भरपूर : खीरे में विटामिन K होता है जो हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत बनाता है। इसमें दिल और मस्तिष्क को दुरुस्त रखने वाला विटामिन बी, आयरन, फोलिक एसिड और मैग्नीशियम भी होता है।
त्वचा में लचीलापन :प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में खीरे से स्किन में कोलाजन बढ़ता है और त्वचा में लचीलापन आता है जिससे बेबी बंप की वजह से त्वचा में आए खिंचाव की परेशानी दूर होती है।
मूड में सुधार : गर्भावस्था में बार-बार मूड बदलने की दिक्कत बहुत होती है। खीरे में मौजूद विटामिन बी मूड को ठीक रखता है। वहीं खीरा प्राकृतिक मूत्रवर्द्धक होता है जो शरीर से सूजन को कम करता है।
भ्रूण का विकास : खीरे में विटामिन सी, बी1, बी2, बी3, फोलिक एसिड, जिंक, पोटैशियम, मैग्नीशियम और आयरन होता है जो भ्रूण के विकास के लिए बहुत आवश्यक होते हैं। इससे शिशु में विकास संबंधी असामान्याओं का खतरा कम हो जाता है। फाइबर से युक्त खीरा प्रेग्नेंसी में कब्ज को भी दूर करता है।
प्रेग्नेंसी में खीरा खाने से क्या होता है
जैसा कि हमने पहले भी बताया कि प्रेग्नेंसी में ज्यादा खीरा खाना नुकसानदायक होता है और इसकी वजह से गर्भवती महिला को गैस बनने और अपच की शिकायत हो सकती है। यदि खीरे के कारण एलर्जी हो जाए तो इसकी वजह से खुजली और सूजन पैदा हो सकती है।
खीरे में करक्यूबिटासिन और टेट्रासाइक्लिक ट्रिटेरपेनोइड्स नामक विषाक्त तत्व होते हैं तो खीरे को कड़वा स्वाद देते हैं। ये तत्व अधिक मात्रा में हो जाएं तो जानलेवा साबित हो सकते हैं।
गर्भावस्था में खीरा खाने का तरीका
आप खीरे को सलाद, सूप, सैंडविच और अचार के रूप में खा सकती हैं। खीरे को हमेशा छीलकर खाना चाहिए ताकि इसके छिलके पर मौजूद हानिकारक कीटनाशक नष्ट हो जाएं। खीरे को कम से कम तीन से चार मिनट तक पानी से धोना चाहिए। प्रेगनेंट महिलाएं खीरे का जूस बनाकर भी पी सकती हैं। ये भी आपके लिए बहुत हेल्दी साबित होगा।
गर्भवती महिलाओं को अपनी डायट का बहुत ध्यान रखना चाहिए और यहां बताए गए सुरक्षित तरीकों की मदद से खीरा खा सकती हैं।
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