गर्भवती स्त्री को जंक फूड जैसे आइसक्रीम आदि खाने की इच्छा होती है। मीठा खाने से सिरोटोनिन की कमी पूरी होती है, जिससे मां अच्छा फील करती है।
आइसक्रीम प्रेगनेंसी में सेफ है?
इसका सीधा सा जवाब है- कुछ खास आइसक्रीम प्रेगनेंसी के लिए खतरनाक होती हैं। दरअसल आइसक्रीम दूध या क्रीम से ही बनती हैं और दूध अगर पास्चराइज्ड नहीं है, तो इंफेक्शन का खतरा हो सकता है।
इसलिए दूध की बनी आइसक्रीम के बजाय आइस कैंडी या फ्रोजन योगर्ट चुनें। सॉफ्ट सर्व या सॉफ्टी खाना भी सुरक्षित नहीं है।
आइसक्रीम फ्लेवर भी मायने रखता है
आप कौन सी आइसक्रीम खा रही हैं यही नहीं कौन सा फ्लेवर चुनती हैं यह भी जरूरी है। अगर आप साधारण स्ट्रॉबेरी,वनिला या बटरस्कॉच खा रही हैं तो कोई समस्या नहीं है। लेकिन अगर आप कॉफी या कैफीन युक्त कोई भी फ्लेवर खाना चाहती हैं, तो हम इसकी सलाह नहीं देंगे।
इन बातों का भी रखें ख्याल
· क्रेविंग्स सामान्य हैं, लेकिन हर बार इन क्रेविंग्स को पूरा करना ठीक नहीं। महीने में एक-दो बार आइसक्रीम खाना काफी है।
· सोने से पहले आइसक्रीम कभी न खाएं। इससे आप लगभग 340 से 450 कैलोरी एक्स्ट्रा खा लेंगी, जो आपके और बेबी दोनों के लिए खतरनाक है।
· कभी भी आइसक्रीम की ब्रिक ना मंगाएं, और क्रेविंग्स होने पर दो-चार चम्मच से अधिक आइसक्रीम न खाएं। अधिक कैलोरी जेस्टेशनल डायबिटीज का कारण बन सकती है।
· जेस्टेशनल डायबिटीज प्रीमैच्योर डिलीवरी, बच्चे में मोटापा और आप में रेस्पिरेट्री समस्या का कारण बन सकती है।
सबसे महत्वपूर्ण है कि सीमा में कोई भी चीज नुकसानदेह नहीं होती। इसलिए आइसक्रीम खाना खतरनाक नहीं है बस इसे आदत न बनाएं। और हर बार मूड स्विंग्स और क्रेविंग्स के आगे हार ना मानें।
क्या गर्भवती महिला आइसक्रीम खा सकती है?