Google AdSense Header Slot

क्या गर्भवती महिला पीठ के बल सो सकती है?

Language: Hindi | Published: 13 Oct 2022 | Views: 16
क्या गर्भवती महिला पीठ के बल सो सकती है?
प्रेगनेंसी में पेट के बल सोना सही या गलत?
प्रेगनेंसी के समय में पेट के बल सोना गलत हो सकता है। प्रेगनेंसी के महीने आगे बढ़ने पर गर्भाशय भी बढ़ता है और भारीपन महसूस होता है जिससे प्रेगनेंट महिला को सोने में दिक्‍कत होती है।
कुछ महिलाओं को पेट के बल सोना अच्‍छा लगता है लेकिन गर्भावस्‍था के दौरान हो सकता है कि उन्‍हें इस पोजीशन में कंफर्टेबल महसूस न हो। बेबी बंप निकलने के कारण पेट के बल सोना और भी मुश्किल हो जाता है।क्‍या गर्भावस्‍था में पेट के बल सो सकते हैंप्रेगनेंसी की पहली तिमाही में पेट के बल सो सकती हैं। गर्भावस्‍था की दूसरी तिमाही में सीने में जलन हो सकती है। पेट के बल सोने पर पाचन प्रक्रिया धीमी हो सकती है जिससे खाना लंबे समय तक पेट में ही रहता है। इससे कब्‍ज और सीने में जलन और बढ़ जाती है।

गर्भावस्‍था की तीसरी तिमाही में बेबी बंप इतना बढ़ जाता है कि पेट के बल सोने में दिक्‍कत होती है।कब नहीं सोना चाहिए पेट के बल
जब आपको पेट के बल सोने में दिक्‍कत होने लगी, तब इस पोजीशन में सोना बंद कर दें। आप प्रेगनेंसी के सोलहवें से 18वें सप्‍ताह तक पेट के बल सो सकती हैं। इसके बाद पेट के बल सोने में परेशानी हो सकती है।
कुछ महिलाओं को पेट बढ़ने के कारण पीठ के बल सोना भी मुश्किल हो सकता है। पीठ के बल सोने से पीठ दर्द, सांस लेने में दिक्‍कत और पाचन कमजोर हो सकता है।

पेट के बल सोने के नुकसान
पेट के बीच के हिस्‍से में अधिक वजन बढ़ने के कारण रीढ़ की हड्डी में खिंचाव आ सकता है जिससे पीठ दर्द हो सकता है। इससे ब्रेस्‍ट पर भी अधिक दबाव पड़ता जिसके कारण ब्रेस्‍ट में दर्द महसूस होता है।
Share this article:

Facebook | Twitter | WhatsApp