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क्या चीज खाने से गर्भपात हो जाता है?

Language: Hindi | Published: 03 Oct 2021 | Views: 12
क्या चीज खाने से गर्भपात हो जाता है?
Pregnancy: गर्भवस्था के शुरुआती दिनों में महिलायें भूलकर भी ना खाएं ये चीजें, बढ़ सकती है मिसकैरेज की संभावना
प्रेग्नेंसी के पहले तीन-चार महीने में भ्रूण के नष्ट होने को मिसकैरेज कहते हैं। मिसकैरेज यानी गर्भपात के कई कारण हो सकते हैं, आइए जानते हैं गर्भावस्था के दौरान किन चीजों से परहेज करना चाहिए।
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Pregnancy Foods to Avoid: गर्भावस्था यानी प्रेग्नेंसी एक ऐसा समय होता है, जिसमें खुद की सबसे ज्यादा देखभाल करनी पड़ती है। प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाएं जो भी खाती हैं, इसका सीधा असर उनके पेट में पल रहे बच्चे पर पड़ता है। इसलिए बच्चे के स्वास्थ्य और तंदरुस्ती के लिए गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को पौष्टिक आहार खाने की सलाह दी जाती है। कहते हैं कि प्रेग्नेंसी के शुरुआती तीन महीने महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं। क्योंकि शुरुआती दिनों में गर्भपात होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
प्रेग्नेंसी में सुबह खाली पेट क्या खाना चाहिए?

गर्भवती महिलायें सेब, नाशपाती, संतरा, अमरूद, जामुन, आड़ू और बेरीज खा सकती हैं। इसे खाने से गर्भवती महिलाओं का ब्लड शुगर और एनर्जी लेवल सही रहेगा। इसके अलावा रोज सुबह नींबू पानी पीना भी आपके लिए अच्छा रहेगा।
क्या चीज खाने से गर्भपात हो जाता है?

हाई कैलोरी वाली चीजें खाने से गर्भावस्था में कई तरह के कॉम्प्लीकेशंस आ सकते हैं और गर्भपात का रिस्क भी बढ़ जाता है। इसलिए ज्यादा कैलोरी वाली चीजें, प्रोसेस्ड या पैकेज्ड फूड, अल्कोहल, ज्यादा कैफीन, आर्टिफिशियल स्वीटनर, कच्चा अंडा और कच्ची मछली खाने व अधिक तला और भुना मीट नहीं खाना चाहिए।

एलोवेरा जूस से रहें दूर: एलोवेरा यूं तो कई बीमारियों को खत्म करने में काम आता है। लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को एलोवेरा के जूस का भूलकर भी सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि माना जाता है कि गर्भावस्था में एलोवेरा जूस पीना जहर के समान है। गर्भावस्‍था में एलोवेरा जूस पीने से पेल्विक हिस्‍से में ब्‍लीडिंग हो सकती है, जिससे गर्भपात भी हो सकता है।


कच्चे अंडे का सेवन करने से बचें: प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में कच्चे अंडे या उससे बनी चीजों को खाने से बचना चाहिए। क्योंकि इससे फूड पॉइजनिंग का खतरा होता है। इससे बच्चे को नुकसान हो सकता है। लेकिन अंडे का सफेद और पीला हिस्‍सा पकाने के बाद प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए सुरक्षित हो जाता है। ऐसे में प्रेग्नेंसी के दौरान हमेशा पका हुआ अंडा ही खाना चाहिए।

पपीता का हो सकता है हानिकारक: प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में हरा या अधपका पपीता खाने से बचना चाहिए, क्योंकि यह गर्भपात होने का कारण बन सकता है। बता दें, हरा और अधपके पपीते में एंजाइम्‍स होते हैं, जिससे गर्भाशय में संकुचन पैदा हो सकता है और गर्भपात हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कच्चे पपीते में माइरिड एंजाइम और पस होता है, इससे गर्भाशय में ऐंठन पैदा हो सकती है जो गर्भपात करवा सकती है।

तिल के बीज से हो सकता है गर्भपात: गर्भावस्था के दौरान महिला को तिल के बीज ज्यादा नहीं खाने चाहिए, क्योंकि इससे गर्भपात होने का डर बढ़ जाता है। तिल को शहद में मिलाकर खाने से बचना चाहिए। हालांकि, गर्भावस्था के तीन महीनों बाद काले तिल के बीज खाए जा सकते हैं क्‍योंकि यह नॉर्मल डिलीवरी में मदद करते हैं।
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