जानिए कैसे नारियल तेल दूर कर सकता है छोटे बच्चों की 15 बीमारियां
नारियल तेल में अनगिनत गुण होते हैं और शिशु की नाजुक त्वचा पर भी नारियल तेल का इस्तेमाल पूरी तरह से सुरक्षित माना जाता है। नारियल तेल से आप शिशुओं में होने वाली कई समस्याओं को घर पर ही ठीक कर सकते हैं।
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जानिए कैसे नारियल तेल दूर कर सकता है छोटे बच्चों की 15 बीमारियां
शिशु की देखभाल के लिए स्किन केयर प्रोडक्ट्स बहुत ध्यान से चुने जाते हैं। वहीं मार्केट में मिलने वाले स्किन प्रोडक्ट्स में केमिकल भी होते हैं जो शिशु की त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। आपको बता दें कि नारियल के तेल से भी शिशुओं में होने वाली कई समस्याओं को दूर किया जा सकता है। इस तेल के एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लामेट्री और एंटीमाइक्रोबियल गुण शिशु में त्वचा संबंधी परेशानियों को दूर करते हैं।
नारियल तेल में इतने गुण हैं कि इसकी मदद से आप शिशुओं में होने वाली कई तरह क समस्याओं का इलाज घर पर ही कर सकती हैं, आइए जानते हैं कैसे…
शिशु की मालिश
शिशु के शरीर की मालिश करने से अच्छी नींद आती है। मालिश करने के लिए नारियल तेल एक अच्छा विकल्प है क्योंकि इसमें बैक्टीरिया-रोधी गुण होते हैं और स्किन इसे आसानी से सोख लेती है।
एक्जिमा का इलाज
नवजात शिशु में एक्जिमा की समस्या आम बात है लेकिन आमतौर पर यह समस्या बच्चे के बड़े होने पर अपने आप चली जाती है। एक्जिमा में स्किन रूखी और खुजलीदार हो जाती है। वहीं नारियल तेल स्किन को राहत देता है। नहाने से पहले और बाद में नारियल तेल से शिशु की मालिश करें।
डायपर रैश
छोटे बच्चों में डायपर पहनने की वजह से डायपर रैश की प्रॉब्लम बहुत रहती है। बच्चे को नहलाने के बाद और हर बार डायपर बदलने पर प्रभावित हिस्से पर नारियल तेल लगाएं। नारियल तेल डायपर रैश के इलाज में मदद करता है और इसके एंटीबैक्टीरियल गुण दोबारा इस समस्या काे होने से रोकते हैं।
बच्चों के बालों के लिए
नारियल तेल में मौजूद मीडियम-चेन फैटी एसिड एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-माइक्रोबियल गुण रखता है जो कि स्कैल्प को पोषण देने और हेयर फॉलिकल्स पर सीबम जमने से रोकते हैं। इससे बाल झड़ने का खतरा कम होता है। नहाने से पहले शिशु के सिर की नारियल तेल से मालिश करें।
रूखी त्वचा को मिलती है नमी
नारियल तेल कई विटामिन और हैल्दी फैट से युक्त होता है। ये स्किन पर नैचुरल मॉइस्चराइजर की तरह काम करता है। शिशु को नहलाने से पहले उसकी रूखी त्वचा पर थोड़ा तेल लगाकर हल्के हाथों से मालिश करें।
बेबी एक्ने
शिशु के शरीर पर कभी-कभी लाल रंग के दाने हो जाते हैं जिनमें सूजन और खुजली भी हो सकती है। इन्हें हाथ लगाने पर इंफेक्शन हो सकता है। बेबी एक्ने का नारियल तेल असरकारी इलाज है। नारियल तेल में मौजूद लॉरिक एसिड एक्ने पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारता है और एक्ने के निशान बनने से भी रोकता है।
शिशु में कब्ज का इलाज
नारियल तेल हाइपोएलर्जेनिक होता है और इसमें लॉरिक एसिड होता है जो पाचन को आसान कर कब्ज से राहत दिलाता है। शिशु के नाश्ते में आधा चम्मच वर्जिन कोकोनट ऑयल का इस्तेमाल करें। कब्ज से बचने के लिए शिशु को खूब तरल पदार्थ भी दें।
क्रैडल क्रैप
स्कैल्प की त्वचा के रूखे होने का क्रैडल क्रैप कहा जाता है। 20 मिनट के लिए शिशु के सिर पर नारियल तेल लगाकर छोड़ दें। अब किसी मुलायम ब्रश से बालों को कंघी करें। इसके बाद गुनगुने पानी से शिशु के बालों को धो दें।
शिशु के फटे होंठों के लिए
अगर आपके बच्चे के होंठ फट रहे हैं तो उंगली पर कुछ बूंदें नारियल तेल की लेकर शिशु के होंठों पर लगा दें। इसके लिए आपको ऑर्गेनिक या वर्जिन कोकोनट ऑयल का ही इस्तेमाल करना है।
जुओं का इलाज
जुओं की वजह से बच्चे हमेशा अपना सिर खुजलाते रहते हैं। जुओं को मारने के लिए आप घरेलू उपाय के तौर पर नारियल तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। पहले बालों में एप्पल सिडर विनेगर लगाएं और इसे सूखने के लिए छोड़ दें। इसके बाद बालों में नारियल तेल लगाएं। कुछ घंटों बाद बालों को धोकर कंघी कर लें।
बेबी थ्रश
थ्रश बच्चों में होने वाले एक आम ओरल फंगल इंफेक्शन है। इसमें शिशु के मुंह में सफेद रंग के चकत्ते बनने लगते हैं। नारियल तेल के एंटी-फंगल गुणों के कारण इस समस्या को खत्म किया जा सकता है। हालांकि, बच्चे के मुंह में नारियल तेल डालने से पहले आपको डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिए।
दांत में दर्द
नारियल तेल में सूजन-रोधी गुण होते हैं इसलिए दांतों में दर्द से राहत पाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। कीड़ा लगने की वजह से बच्चों को दांत में दर्द की शिकायत अधिक रहती है।
जुकाम का घरेलू नुस्खा
किसी भी एसेंशियल ऑयल जैसे कि यूकेलिप्टस ऑयल में दो चम्मच नारियल का तेल मिलाकर हल्का गर्म करें। अब इसे शिशु की छाती पर रब करें। शिशु पर एसेंशियल तेल की अधिक मात्रा का प्रयोग नुकसानदायक हो सकता है।
मेकोनियम को हटाने के लिए लाभकारी
शिशु की पहली पॉटी को मेकोनियम कहते हैं। ये काफी चिपचिपा होता है और अगर मेकोनियम ठीक तरह से साफ नहीं हो रहा है तो शिशु की स्किन पर नारियल तेल लगा दें। इससे आप शिशु की नाजुक त्वचा को आसानी से साफ कर पाएंगे ।
बच्चों में यीस्ट इंफेक्शन का इलाज
नारियल तेल खराब बैक्टीरिया को कम कर सकता है और इसीलिए ये यीस्ट संक्रमण के इलाज में मदद कर सकता है। हालांकि, इस समस्या के लिए नारियल तेल का इस्तेमाल डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही करना चाहिए।
क्या नारियल का तेल बच्चों की त्वचा को काला करता है?