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क्या प्रेगनेंसी में गुड़ खाना सेफ है?

Language: Hindi | Published: 11 Nov 2022 | Views: 16
क्या प्रेगनेंसी में गुड़ खाना सेफ है?
गुड़ हेल्दी ज़रूर होता है, लेकिन अगर ज़रूरत से ज़्यादा खा लिया जाए, तो यह सेहत को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकता है। खासतौर पर अगर आप प्रेग्नेंसी के दौरान गुड़ ज़्यादा खा लेती हैं, तो इससे डायबिटीज़ का ख़तरा बढ़ जाता है।

आइए, सबसे पहले यह जान लेते हैं कि क्या गर्भावस्था में गुड़ खाना चाहिए ?

क्या प्रेगनेंसी में गुड़ खाना चाहिए? |

हां, गर्भावस्था में गुड़ खाया जा सकता है। गर्भावस्था के दौरान गुड़ खाने के कई स्वास्थ्य फायदे हो सकते हैं। दरअसल, इस दौरान गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे भ्रूण को आयरन की आवश्यकता होती है और गर्भावस्था के दौरान आयरन की पूर्ति के लिए गुड़ का सेवन किया जा सकता है (1)। हालांकि, इसकी सीमित मात्रा का सेवन करना चाहिए, वरना इसके कई नुकसान भी हो सकते हैं, जिनके बारे में हम आपको लेख में आगे बताएंगे।

आइए, अब लेख के अगले भाग में जानते हैं कि प्रेगनेंसी में गुड़ की कितनी मात्रा का सेवन करना चाहिए?
प्रेगनेंसी में गुड़ कितनी मात्रा में खाना चाहिए?

प्रेगनेंसी में गुड़ खाने की मात्रा पर ध्यान देना भी जरूरी है, ताकि यह गर्भवती और भ्रूण के लिए लाभदायक साबित हो। हालांकि, स्तनपान के दौरान प्रतिदिन करीब 60 ग्राम गुड़ खाया जा सकता है (2), लेकिन गर्भावस्था के दौरान कितना गुड़ खाना चाहिए इस संबंध में कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए, गर्भावस्था में इसकी उचित मात्रा का सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

प्रेगनेंसी में गुड़ कब खाना चाहिए उसके बारे में नीचे आपको जानकारी दी जा रही है।
प्रेगनेंसी में गुड़ कब खाना चाहिए?

प्रेगनेंसी की पहली दो तिमाही में मां को आयरन की अधिक आवश्यकता होती है। इस समय एनीमिया होने का खतरा ज्यादा बना रहता है। इसलिए, आयरन की आवश्यकता को देखते हुए गर्भवती महिलाएं गुड़ का सेवन शुरू कर सकती हैं (1)। हालांकि, ओरल रूप में आयरन का सेवन पहली तिमाही में करने से बचना चाहिए, क्योंकि यह मतली और उल्टी का कारण भी बन सकता है (3)। इसलिए, गर्भावस्था में इसके प्रयोग को लेकर सही समय की जानकारी के लिए एक बार डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

गुड़ के पोषक तत्व

नीचे दी गई तालिका के माध्यम से हम गुड़ में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में बता रहे हैं (4)।
पोषक तत्व मात्रा प्रति 100 ग्राम

ऊर्जा 375kcal
कार्बोहाइड्रेट 100g
शुगर, कुल 100g

मिनरल
आयरन 2.57mg
सोडियम 250mg

गर्भावस्था में गुड़ खाने के फायदे |

गर्भावस्था के दौरान गुड़ खाने से आपको निम्नलिखित प्रकार से लाभ हो सकते हैं :

आयरन की कमी होती है दूर : जैसा कि ऊपर बताया गया है कि गर्भावस्था के दौरान आयरन की कमी के लिए गुड़ का सेवन किया जा सकता है। गर्भावस्था के दौरान गुड़ का सेवन एनीमिया होने के खतरे को दूर रखने में मदद कर सकता है (1)।

शिशु के मस्तिष्क विकास के लिए : गर्भावस्था के दौरान गुड़ का सेवन आपके शिशु के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, गुड़ में कार्बोहाइड्रेट की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है। कार्बोहाइड्रेट की पूर्ति गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए आवश्यक मानी जाती है (4), (5)।

ऊर्जा की पूर्ति के लिए : गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान मां को ऊर्जा की जरूरत पड़ती है (6)। इसलिए, ऊर्जा की पर्याप्त पूर्ति के लिए भी गर्भावस्था के दौरान गुड़ का सेवन किया जा सकता है (4)।

टाइप 1 डायबिटीज की स्थिति में : गर्भावस्था के दौरान टाइप 1 डायबिटीज से ग्रसित महिलाओं के लिए गुड़ में मौजूद कार्बोहाइड्रेट लाभदायक हो सकता है (7), (4)।

गुड़ खाने के दौरान कुछ सावधानियों को भी ध्यान में रखने की आवश्यकता होती है, जिसके बारे में आपको नीचे बताया जा रहा है।
प्रेगनेंसी में गुड़ खाने के दुष्प्रभाव

प्रेग्ननेंसी में गुड़ के सेवन से जुडी कुछ खास बातों का खास ख्याल रखने की आवश्यकता होती है। अगर आप इसे नजरअंदाज करते हैं, तो प्रेगनेंसी में गुड़ खाने के निम्नलिखित दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।

प्रेगनेंसी में गुड़ खाने से शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे वजन बढ़ सकता है और बढ़े हुए वजन के कारण टाइप-2 डायबिटीज होने का जोखिम भी बढ़ सकता है (4), (8)।

गुड़ में सोडियम की मात्रा पाई जाती है, जिसके अधिक सेवन से उच्च रक्तचाप होने का खतरा बढ़ सकता है (4), (9)।

प्रेगनेंसी में गुड़ का अधिक सेवन करने से कार्बोहाइड्रेट की मात्रा शरीर में बढ़ जाएगी, जिससे वजन बढ़ सकता है (5), (10)।

ध्यान देने की बात यह भी है कि गुड़ को किसी भी रूप में गर्म करके खाने से बचें, नहीं तो इससे गर्भपात का खतरा भी हो सकता है (11)।

अगर आप पहले गर्भपात की स्थिति से गुजर चुकी हैं, तो आपको वर्तमान गर्भावस्था में गुड़ के सेवन से बचना चाहिए (12)।

आइए, अब लेख के अगले भाग में गुड़ खाते समय ध्यान में रखी जाने वाली बातों के बारे में भी जान लेते हैं।
गर्भवस्था में गुड़ खाते वक्त रखें इन बातों का ध्यान

गर्भावस्था के दौरान गुड़ खाते समय निम्न बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

गुड़ खाने से पहले यह देख लें कि उसमें धूल/मिट्टी के कण न लगे हों, क्योंकि गुड़ तैयार करने समय अक्सर गंदगी गुड़ में लगी रह जाती है।

गुड़ खाने से पहले यह देख लें कि कहीं वह चिपचिपा तो नहीं है।

अगर आपने बाजार से किसी ऐसे गुड़ की खरीददारी कर ली है, जिस पर मक्खियां बैठी हुईं थीं, तो इसका सेवन आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए, खुले में बिकने वाले गुड़ की जगह आप पैकेट गुड़ को खरीद सकती हैं। साथ ही पैकेट पर गुड़ की एक्सपायरी डेट चेक करना न भूलें।

गर्भावस्था के दौरान आहार में गुड़ कैसे शामिल कर सकते हैं?

गर्भावस्था के दौरान आप गुड़ को इस प्रकार अपने आहार में शामिल कर सकते हैं –

गुड़ को आप सीधे खा सकती हैं।

चाय में चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल किया जा सकता है।

गुड़ की चाशनी बनाकर उससे कई प्रकार के पकवान बनाने में इस्तेमाल कर सकती हैं।

गुड़ चना या गुड़ की चिक्की खा सकती हैं।

गुड़ से बनी खीर का भी सेवन किया जा सकता है।

गुड़ को आटे में मिलाकर गुड़ आटा पापड़ी भी तैयार की जा सकती है।
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