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क्या प्रेगनेंसी में नींबू का अचार खा सकते हैं?

Language: Hindi | Published: 11 Nov 2022 | Views: 10
क्या प्रेगनेंसी में नींबू का अचार खा सकते हैं?
खट्टे फलों में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है. इन दिनों नींबू का जूस आप जरूर पिएं, इससे प्रेग्नेंसी में होने वाली समस्याओं से बचा जा सकता है

प्रेग्‍नेंसी में महिलाओं का खासतौर पर कुछ खट्टा खाने का मन करता है और इस लिस्‍ट में अचार का नाम सबसे ऊपर आता है। कुछ महिलाओं को अचार खाने से प्रेग्‍नेंसी में होने वाली मॉर्निंग सिकनेस से राहत मिलती है। अगर आप भी प्रेगनेंट हैं और आपका अचार खाने का बहुत मन करता है तो जरा पहले इसके फायदे और नुकसान जान लीजिए।

​गर्भावस्‍था में अचार खाने का मन क्‍यों करता है

प्रेग्‍नेंसी हार्मोन जैसे कि एस्‍ट्रोजन या अन्‍य हार्मोन स्‍वाद और सूंघने को प्रभावित करते हैं इसलिए गर्भावस्‍था में महिलाओं को कुछ चीजों का स्‍वाद पहले से अलग आता है। अचार महिलाओं के सूंघने और स्‍वाद को संतुष्‍ट करता है इसलिए प्रेग्‍नेंसी में महिलाओं का अचार खाने का मन करता है।

कई बार भावनात्‍मक तनाव के कारण भी महिलाओं का प्रेग्‍नेंसी में अचार खाने का मन कर सकता है।
​प्रेगनेंसी में अचार खाना चाहिए या नहीं

गर्भावस्‍था में सीमित मात्रा में अचार का सेवन करना हानिकारक नहीं होता है लेकिन आपको प्रेग्‍नेंसी के दौरान अपने दैनिक आहार में इसे शामिल नहीं करना चाहिए। प्रेग्‍नेंसी में अचार ज्‍यादा खाने से कुछ स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं हो सकती हैं।

अचार में पोषक तत्‍व अधिक मात्रा में नहीं होते हैं इसलिए बेहतर होगा कि आप कम मात्रा में ही इनका सेवन करें। इसके अलावा ज्‍यादा मसालेदार अचार खाने से भी बचें।

​प्रेग्‍नेंसी में अचार खाने से क्‍या होता है

शरीर में सोडियम और पोटैशियम जैसे खनिज पदार्थ महत्‍वपूर्ण इलेक्‍ट्रोलाइट होते हैं। गर्भावस्‍था के दौरान भ्रूण की जरूरतों को पूरा करने के लिए शरीर को अधिक मात्रा में इलेक्‍ट्रोलाइट की जरूरत होती है। अचार में कुछ मात्रा में सोडियम और पोटैशियम होता है इसलिए प्रेग्‍नेंसी में आप थोड़ी मात्रा में अचार का सेवन कर इलेक्‍ट्रोलाइट्स को बढ़ा सकती हैं।

​पाचन में सुधार

ऐसा माना जाता है कि अचार पाचन में सुधार लाता है और कुछ हद तक इम्‍यून सिस्‍टम के कार्य में भी मदद करता है। अचार में कुछ हेल्‍दी बैक्‍टीरिया हो सकते हैं जो पाचन तंत्र में गुड बैक्‍टीरिया को बढ़ा सकते हैं। इससे पाचन से जुड़ी समस्‍याओं से लड़ने में मदद मिल सकती है।

​फ्री रेडिकल्‍स से लड़ने में मदद मिलती है

अचार में एंटीऑक्‍सीडेंट गुण होते हैं। फल या सब्जियों के अचार को पकाया नहीं जाता है जिससे इनमें एंटीऑक्‍सीडेंट बने रहते हैं। ये एंटीऑक्‍सीडेंट आपके शरीर को फ्री रेडिकल्‍स से बचाते हैं।

​अचार खाने के नुकसान

लगभग सभी अचार में नमक की मात्रा ज्‍यादा होती है। अचार के स्‍वाद को बढ़ाने के लिए उनमें नमक मिलाया जाता है। अचार को एंटी-माइक्रोबियल एजेंट के रूप में कार्य करवाने के लिए भी इसमें नमक मिलाया जाता है जो कि इसे लंबे समय तक फंगस, यीस्‍ट और बैक्‍टीरिया से बचाता है।

हालांकि, प्रेग्‍नेंसी में अधिक मात्रा में नमक खाने से जेस्‍टेशनल हाई बीपी हो सकता है जिसके कारण हार्ट अटैक और स्‍ट्रोक भी आ सकता है।

भारत में अधिकतर अचार में अधिक मात्रा में तेल का इस्‍तेमाल किया जाता है जिससे प्रेग्‍नेंसी के दौरान शरीर में फैट और कोलेस्‍ट्रोल की मात्रा बढ़ सकती है। ज्‍यादा मसालेदार या केमिकल प्रिजर्वेटिव्‍स से युक्‍त अचार खाने से प्रेग्‍नेंसी में पेट फूलने या गैस की दिक्‍कत हो सकती है।


​बरतें ये सावधानियां

अधिक मात्रा में अचार खाने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है इसलिए खूब पानी पिएं और शरीर को हमेशा हाइड्रेट रखें। इसके अलावा अधिक पानी पीने से शरीर में सोडियम का स्‍तर भी बना रहता है।
अगर आपको प्रेग्‍नेंसी में गैस्‍ट्राइटिस है तो बेहतर होगा कि आप इस समय में अचार न खाएं।
ज्‍यादा मसालेदार अचार खाने से बचें क्‍योंकि इसकी वजह से पेचिश या प्रेग्‍नेंसी में सीने में जलन और एसिडिटी जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।
उच्‍च मात्रा में सोडियम युक्‍त अचार खाने से प्रेग्‍नेंसी में हाई बीपी हो सकता है जिसका भ्रूण पर गलत प्रभाव पड़ सकता है।
ज्‍यादा केमिकल प्रिजर्वेटिव्‍स से युक्‍त अचार खाने से प्रेग्‍नेंसी में अनावश्‍यक जटिलताएं आ सकती हैं।
प्रेग्‍नेंसी में घर का बना आम का अचार खाने से दिक्कत हो सकती है क्‍योंकि इसमें लिस्‍टीरिया बैक्‍टीरिया हो सकता है। इसलिए बेहतर होगा कि गर्भावस्‍था में आम का अचार न खाएं।
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