प्रेग्नेंसी में सब कुछ हेल्दी चीजें खाने की सलाह दी जाती है। बादाम भी बहुत पौष्टिक होते हैं और गर्भवती महिला को कई तरह के व्यंजनों में बादाम डालकर दिए जाते हैं ताकि मां और बच्चा दोनों तंदरुस्त रहें। लेकिन क्या आप ये जानते हैं गर्भावस्था में बादाम किस तरह खाने चाहिए या कच्चे या भीगे बादाम प्रेग्नेंसी में खाना फायदेमंद रहता है?
यहां हम आपको यही बताने जा रहे हैं कि प्रेग्नेंसी में बादाम खाने का सही तरीका क्या है।
प्रेग्नेंसी में बादाम खाने चाहिए या नहीं
जी हां, गर्भावस्था में कच्चे बादाम खाना सुरक्षित होता है। ये आयरन, कैल्शियम, फोलिक एसिड और फाइबर जैसे पोषक तत्वों से युक्त होते हैं। हालांकि, अगर गर्भवती महिला को बादाम या किसी अन्य सूखे मेवे से एलर्जी है तो उन्हें बादाम खाने से बचना चाहिए।
प्रेग्नेंसी में भीगे बादाम के फायदे
अगर आपको बादाम से एलर्जी नहीं है तो आप गर्भावस्था के दौरान भीगे बादाम खा सकती हैं। भीगे बादाम पाचन में सुधार लाने वाले एंजाइम्स रिलीज करते हैं और बादाम को भिगोने से इसके पोषक तत्वों की मात्रा भी बढ़ जाती है। रातभर भीग बादाम खाने से पाचन ठीक से होता है। अगर आप बादाम का छिलका उतार कर खाती हैं तो और भी फायदा होगा क्योंकि इसके छिलके में टैनिन होता है जिसे पोषण के अवशोषण को कम करने के लिए जाना जाता है।
कच्चे या भीगे बादाम हैं फायदेमंद
वैसे तो कच्चे और भिगोकर, दोनों तरह से ही बादाम फायदेमंद होते हैं लेकिन भीगे बादाम खाना ज्यादा लाभकारी होता है। आइए जानते हैं कि प्रेग्नेंसी में भीगे बादाम खाने से क्या लाभ मिलते हैं।
गर्भावस्था में बादाम खाने से क्या होता है?
पौधों में मौजूद फाइटिक एसिड सूखे मेवों और बीजों के लिए जीवन होता है लेकिन ये शरीर में आवश्यक खनिज पदार्थों के अवशोषण को भी धीमा कर देता है इसलिए ज्यादा फाइटिक एसिड मिनरल की कमी पैदा कर सकता है। रातभर बादाम को भिगोने से फाइटिक एसिड को निकालने में मदद मिलती है और फास्फोरस रिलीज होता है जो कि हड्डियों की सेहत और पाचन में सुधार के लिए अच्छा है।
अच्छे एंजाइम होते हैं रिलीज
नमक के साथ बादाम भिगोने से एंजाइम को रोकने वाले तत्व नष्ट हो जाते हैं और लाभकारी एंजाइम्स रिलीज होते हैं जिससे की बादाम में मौजूद विटामिनों की जैव-उपलब्धता बढ़ जाती है।
टैनिन नष्ट हो जाता है
टैनिन से सूखे मेवों को हल्का पीला रंग और कड़वा स्वाद मिलता है। हालांकि, ये पानी में घुलनशील होता है इसलिए जब आप बादाम को पानी में भिगोते हैं तो उसका टैनिन निकल जाता है और कड़वा स्वाद भी कम हो जाता है। इससे बादाम मीठे लगते हैं।
प्रेग्नेंसी में कितने बादाम खाने चाहिए
आप प्रेग्नेंसी में भिगोकर या कच्चे लगभग 23 बादाम खा सकती हैं यानी कि एक तिहाई कप। रोज सुबह भीगे बादाम जरूर खाएं। इस मात्रा से ज्यादा बादाम न खाएं वरना वजन बढ़ने, विटामिन ई टॉक्सिसिटी और पाचन से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं।
प्रेगनेंसी में बादाम कब खाना चाहिए
आप गर्भावस्था के पहले महीने से लेकर आखिरी माह तक बादाम खा सकती हैं। सुबह और शाम दोनों समय बादाम खाना सही रहता है।
क्या प्रेगनेंसी में भीगे हुए बादाम ले सकते हैं?