बच्चों में खांसी के कारण
बच्चे को जुकाम, फ्लू की वजह से खांसी हो सकती है। कई बार बच्चों को एसिड रिफ्लक्स में भी खांसी का लक्षण दिख सकता है। एलर्जी या साइनस में भी बच्चों को गले में खुजली, बहती नाक, आंखों से पानी आने के साथ-साथ खांसी भी होती है।
ज्यादातर खांसी वायरस की वजह से होती हैं। इसे ठीक होने में दो हफ्ते का समय लग सकता है।
शहद और नींबू का कफ सिरप
बच्चों में खांसी के लिए शहद और नींबू अच्छा कॉम्बिनेशन है। शहद एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर होते हैं और यह कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम और पोटैशियम से भी युक्त होता है।
वहीं दूसरी ओर नींबू विटामिन सी से भरपूर होता है। विटामिन सी इम्यून सिस्टम को हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है। कफ सिरप में ये दोनों चीजें मिलकर खांसी से राहत दिलाने का काम करती हैं।
कैसे बनाएं कफ सिरप
बच्चों में खांसी को दूर करने वाला कफ सिरप बनाने के लिए आपको ¼ कप शहद, डेढ़ चम्मच नींबू का रस, दो से तीन चम्मच गुनगुना पानी चाहिए होगा।
शहद और नींबू को रूम टेंपरेचर पर रखें।
एक गिलास में शहद और नींबू का रस डालकर मिक्स करें।
इसमें गुनगुना पानी डालें और सिरप जितना गाढ़ा कर लें।
इस सिरप को एक साफ कांच के जार में डालकर रख दें।
बच्चे को दिन में तीन से चार बार एक चम्मच होममेड कफ सिरप पिलाएं।
पुदीने और अदरक का सिरप
एक साल से कम उम्र के बच्चों को शहद नहीं दिया जा सकता है इसलिए इतने छोटे बच्चों में खांसी के इलाज के लिए अदरक और पुदीने का सिरप बना सकते हैं। पुदीने में मेथानॉल होता है और यह एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है।
इसके लिए आपको चाहिए एक चम्मच कटी हुई पुदीने की पत्तियां, दो चम्मच घिसी हुई अदरक और 4 कप पानी।
कैसे बनाएं कफ सिरप
अदरक और पुदीने के इस कफ सिरप को बनाने का तरीक है :
एक पैन को गैस पर रखें और उसमें पानी डालें।
इस पानी में अदरक और पुदीने की पत्तियां डाल दें।
इस पानी को पांच से छह मिनट तक उबालें।
पानी के कम होने पर गैस बंद कर दें।
हल्का ठंडा होने पर पानी को छान लें।
नॉर्मल होने पर बेबी को ये कफ सिरप पिलाएं।
बच्चे को दिन में दो से तीन बार एक चम्मच कफ सिरप पिलाएं।
क्या बच्चे कफ सिरप ले सकते हैं?