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क्या मुझे 39 सप्ताह में प्रेरित करना चाहिए?

Language: Hindi | Published: 12 Oct 2022 | Views: 21
क्या मुझे 39 सप्ताह में प्रेरित करना चाहिए?
39 सप्ताह की गर्भावस्था में भ्रूण विकास
अब आपको केवल स्थिति को देखना और इंतजार करना है, क्योंकि आपका शिशु अब किसी भी दिन जन्म ले सकता है! वह तकरीबन एक छोटे तरबूज जितना, लगभग 3.3 किलोग्राम हो गया है। उसकी लंबाई 51 सें.मी. (20 इंच) हो सकती है।

यह ध्यान रखें कि औसत भारतीय नवजात थोड़ा छोटा और उसका वजन 2.5 से 2.9 किलो के बीच हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार जिस शिशु का वजन 2500 ग्राम (2.5 किलो) से कम होता है, उसे "कम जन्म वजन शिशु" (लो बर्थ वेट बेबी) कहा जाता है, फिर चाहे शिशु का जन्म गर्भावस्था के किसी भी चरण में हुआ हो।

मगर ये केवल औसत आंकड़ें हैं। जैसे ही शिशु का जन्म होता है, उसका वजन लिया जाता है और सिर के घेरे का माप लिया जाता है। कुछ सप्ताह बाद फिर से शिशु की लंबाई मापी जाती है।

आपके शिशु के सभी अंग अच्छी तरह विकसित हो चुके हैं। उसकी त्वचा मोटी और रंगत फीकी होती जा रही है, क्योंकि हट रही बाहरी त्वचा की कोशिकाओं के स्थान पर अब नई त्वचा आ रही है। उसके फेफड़े अब अधिक आर्द्रक (सर्फेक्टेंट) बना रहे हैं, यह वह तत्व है जो उसके छोटे वायुकोषों को खुला रखता है और वह गर्भ के बाहर अपनी पहली सांस भरने के लिए तैयार हो सके।

जन्म के तुरंत बाद आपका शिशु अपने वायुकोषों को साफ करने के लिए रो सकता है। और नियमित श्वसन पैटर्न स्थापित करने में उसे कुछ मिनटों का समय लग सकता है। नवजात शिशु तेज और धीमे चक्र में सांस लेते हैं, कई बार एक बार में पांच या इससे ज्यादा सैकंड का विराम भी ले सकते हैं।

शिशु के जन्म के तुरंत बाद आपकी डॉक्टर या फिर शिशु की डॉक्टर अपगार स्केल की सहायता से उसकी सामान्य स्वास्थ्य को जांचेंगे। अपगार को नवजात शिशु की दिल की धड़कन, श्वास, मांसपेशियों की टोन, क्रियाओं और रंग का आंकलन करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

नोट:विशेषज्ञों का कहना है कि हर शिशु अलग ढंग से विकसित होता है- गर्भाशय में भी। ये भ्रूण विकास की जानकारी आपको इस बात का सामान्य अंदाजा देती है कि गर्भ में शिशु किस तरह बढ़ रहा है।
गर्भावस्था के 39वें सप्ताह में शारीरिक परिवर्तन

यदि आपको सीने में जलन की शिकायत रहती है, तो गर्भावस्था के ये अंतिम कुछ सप्ताह आपके लिए मुश्किल हो सकते हैं। घी-तेल युक्त गरिष्ट भोजनों का सेवन न करें और सेहतमंद व संतुलित आहार योजना का पालन करती रहें।

शिशु का जन्म अब काफी नजदीक है और शिशु को सीने से लगाने के लिए आपको अधिक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मगर, यदि इस सप्ताह के बाद भी प्रसव पीड़ा शुरु न हो तो भी चिंतित न हों। आपकी डॉक्टर यह निर्णय लेंगी कि प्रसव पीड़ा प्रेरित करने का सही समय कब रहेगा।
39 सप्ताह गर्भवती होने पर क्या जानना जरुरी है
हर माँ के लिए प्रसव और शिशु के जन्म का अनुभव अलग होता है। जहां कुछ महिलाएं शिशु को जन्म देने के कुछ घंटों के भीतर ही भली-चंगी महसूस करने लगती हैं, वहीं कुछ को बिस्तर से उठ पाने में भी दर्द महसूस होता है, खासकर की सीजेरियन आॅपरेशन के बाद। प्रसव के बाद आने वाले शारीरिक व भावनात्मक बदलावों से उबरने के बारे में हमारे इस अनुभाग में पढ़ें।

शिशु को जन्म देने के कुछ दिनों तक आपको शायद अपने नवजात शिशु के साथ घर पर ही रहना अच्छा लगेगा, फिर चाहे दुनिया कितनी भी आगे बढ़ जाए। मगर, यह आराम ज्यादा समय तक शायद जारी न रह पाए। और उस समय आपको अपने घर के कामकाज के लिए मदद की जरुरत होगी। इसलिए यदि माँ बनने से पहले ही आप अपनी मदद का इंतजाम करके रखेंगी तो शिशु के आने के बाद नई जिम्मेदारियों को संभाल पाना आपके लिए आसान रहेगा।

नवजात शिशु की देखभाल से जुड़ी जानकारी आप हमारे इस अनुभाग में पा सकती हैं।

" शिशु के जन्म के बाद उन शुरुआती दिनों का पूरा फायदा उठाएं जब आप और आपका शिशु प्रसव की प्रक्रिया से उबर रहे होंगे और एक दूसरे को जान रहे होंगे। जन्म के बाद पहले 40 दिनों के बारे में हमारा यह स्लाइडशो देखें।
प्राकृतिक प्रसव और सीजेरियन प्रसव से उबरने के बारे में हमारे लेख पढ़ें।
अस्पताल से घर आने के बाद यदि आपका शिशु अधिकांश समय सोने और स्तनपान करने में गुजारता है, तो आप आश्चर्य न करें। शुरुआती हफ्तों में नवजात शिशु का विकास कैसे होता है, यहां जानें।
हमारे बेबी नेम फाइंडर में नक्षत्र, अंकशास्त्र और ज्योतिषशास्त्र के आधार पर अपने शिशु का नाम चुन सकती हैं। आप हमारा न्यूमेरोलॉजी कैलकुलेटर भी आजमाकर देख सकती हैं।
शिशु के जन्म के बाद कुछ माँएं प्रसवोत्तर अवसाद से घिर जाती हैं। यह क्या है और इससे किस तरह निपटा जाए, यहां जानें।

आपकी गर्भावस्था के लिए बेबीसेंटर का सुझाव
प्रसव के शुरुआती चरण से निपटने के तरीके जानें। आराम से रहें और गहरी व धीमे सांस लें। हल्के गर्म पानी से स्नान भी कर सकती हैं। अपने शरीर के संकेतों को पहचानें- कई बार आपको आंतरिक रूप से पता होता है कि आपको किस चीज से बेहतर महसूस होगा।
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