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क्या मेरा गर्भाशय बाहर गिर सकता है?

Language: Hindi | Published: 21 Oct 2022 | Views: 20
क्या मेरा गर्भाशय बाहर गिर सकता है?
क्या है वो बीमारी जिसमें गर्भाशय वजाइना से बाहर गिर जाता है?

यूट्रीन प्रोलैप्स के क्या लक्षण हैं?

अगर गर्भाशय बस थोड़ा सा ही अपनी जगह से खिसका है तो कोई लक्षण पता नहीं चलता. पर अगर ये कंडीशन सीवियर है, यानी गर्भाशय ज़्यादा खिसक गया है तो ये लक्षण पता चलते हैं:
- ऐसा लगेगा जैसे आप किसी बॉल पर बैठी हैं
- वजाइना से खून आएगा
- वजाइना से सफ़ेद रंग का ज़्यादा डिस्चार्ज होगा
- सेक्स करने में दिक्कत आएगी
- गर्भाशय वजाइना के रास्ते से थोड़ा बहार निकलते हुए महसूस होगा
- पेट के निचले हिस्से में बहुत कसाव महसूस होगा
- कब्ज़ रहेगा या मल त्याग करने में दिक्कत होगी
- पेशाब करने में भी बहुत मुश्किल होगी
किन वजहों से होता है यूट्रीन प्रोलैप्स?
यूट्रीन प्रोलैप्स का ख़तरा उम्र के साथ बढ़ता रहता है. औरतों के शरीर में एस्ट्रोजन नाम का हॉर्मोन भी बनता है. समय के साथ इस हार्मोन का बनना कम होता जाता है. तब यूट्रीन प्रोलैप्स का ख़तरा बढ़ जाता है. एस्ट्रोजन की वजह से ही गर्भाशय को पकड़े रहने वाली मांसपेशियां मज़बूत रहती हैं. प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के दौरान भी ये मांसपेशियां कमज़ोर कमज़ोर हो जाती हैं. जिनकी वजह से प्रोलैप्स हो जाता है. जिन औरतों की एक से ज़्यादा नॉर्मल डिलीवरी हुई है या जिनको मेनोपॉज़ हो चुका है, उनको ज़्यादा ख़तरा होता है.
कोई भी ऐसी चीज़ जो इन मांसपेशियों पर जोर डाले, यूट्रीन प्रोलैप्स का ख़तरा बढ़ा सकती है. इसके अलवा ओवरवेट होना, लगातार खांसी, और ज़्यादा कब्ज़ का भी यूट्रीन प्रोलैप्स में हाथ होता है.


कैसे बच सकती हैं यूट्रीन प्रोलैप्स से?
कुछ चीज़ें हैं जो यूट्रीन प्रोलैप्स का रिस्क कम करती हैं:
- लगातार एक्सरसाइज़ करना
- अपना वेट मेन्टेन करके रखना
- वजाइना की मांसपेशियों को मज़बूत करने के लिए कुछ एक्सरसाइज़
- लंबे वक्त से खांसी है तो उसका इलाज करवाना
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