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क्या मैं लेटते समय स्तनपान करा सकती हूं?

Language: Hindi | Published: 19 Oct 2022 | Views: 16
क्या मैं लेटते समय स्तनपान करा सकती हूं?
स्तनपान के लिए एक तरफ लेटने की स्थिति सीजेरियन प्रसव के बाद एक बहुत ही सुविधाजनक स्थिति है और यह रात को शिशु को स्तनपान कराने के लिए भी सही है | यह उन माताओं की बहुत मदद करती है, जो घरेलू व अन्य कामों को करने से थक जाती हैं और स्तनपान कराते समय आराम करना चाहती हैं।

मैं स्तनपान की शुरुआत कैसे करुं?

चूंकि स्तनपान करवाने में पांच से लेकर 40 मिनट तक लग सकते हैं, इसलिए शुरु करने से पहले एक आरामदायक स्थान चुनें। माहौल बहुत अहम है, खासतौर पर स्तनपान करवाने के शुरुआती दिनों में, जब आप इस पर अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रही हों।

अगर, घर-बाहर के शोरगुल के कारण आपका ध्यान आसानी से विचलित हो जाता है, तो किसी शांत जगह को ढूढ़िए। अगर आप जल्दी ऊब जाती हैं, तो हो सकता है आप रेडियो, स्टीरियो या टेलीविजन के सामने स्तनपान करवाना चाहें। लेकिन, ऐसा केवल तभी करें, जब आपके और आपके शिशु के लिए स्तनपान बढ़िया चल रहा हो। अलग-अलग जगहों पर स्तनपान करा कर देखें कि आपके लिए कौन सा स्थान उचित रहेगा।

हमेशा यह सुनिश्चित करें कि स्तनपान के दौरान आप और शिशु दोनों ही आरामदायक स्थिति में रहें। अपने बच्चे को एक ऐसी अवस्था में थामें, जिससे आपकी बाँहों और पीठ में दर्द नहीं हो। शिशु को सहारा देने के लिए गद्दियां या तकिये पास रखें। अर्ध-लेटी अवस्था में स्तनपान करवाने के लिए आपको पीठ के बल लेटना होगा, ताकि शिशु आपके शरीर पर आराम से लेट सके और आपके हाथ उसे सहारा देने के लिए खाली हों। या ​आप शिशु को गोद में लेकर दूध पिला सकती हैं, इसमें शिशु को अपनी छाती के पार झुलाने की स्थिति में पकड़कर ऊंची गद्दी या तकिए पर रखकर स्तनपान कराना होता है। आप अपने आराम के लिए पैरों को स्टूल पर भी रख सकती हैं।

स्तनपान कराना शुरू करने से पहले खुद को और अपने शिशु को एक विश्रामदायक अवस्था में लाएं। इस बात पर ध्यान दें कि जब आपका बच्चा स्तनों को मुँह में लेता है (लैचिंग), तब आपके स्तनों पर कैसा महसूस होता है। उसे स्तनाग्र का एक बड़ा हिस्सा मुँह में भर लेना चाहिए।

यदि आपके स्तन बड़े हैं, तो आपको करवट लेकर लेटे हुए स्तनपान करवाना आरामदायक लग सकता है या फिर आप शिशु को रग्बी बॉल की तरह अपनी बाजू के नीचे से पकड़ सकती हैंं।

अगर शिशु द्वारा स्तन चूसने से आपको दर्द हो रहा हो, तो अपनी छोटी उंगली शिशु के मुंह में किनारे से उसके मसूड़ों और आपके निप्पल के बीच डाल कर चुसाव रोक दीजिए। दोबारा फिर प्रयास करें। जब एक बार आपका बच्चा स्तन को सही प्रकार से थाम लेगा, तो वह बाकी काम खुद करने में समर्थ हो जाएगा।


अपने बच्चे को बारी-बारी से दोनों स्तनों की बजाय एक स्तन से ही पूरी तरह स्तनपान करने दीजिए। स्तनपान के बीच स्तन बदलने से बच्चे को ढेर सारा पानीदार अग्रदूध मिल सकता है, लेकिन वसा समृद्ध पिछला दूध पर्याप्त नहीं मिल पाएगा। इसके कारण बच्चा चिड़चिड़ा होकर बार-बार स्तनपान की मांग कर सकता है।

एक स्तन का दूध पीने के बाद भी अगर आपका शिशु भूखा लग रहा है, तो उसे दूसरा स्तन पेश करें। मगर, दूसरे स्तन से दूध पिलाना शुरू करने से पहले उसे डकार दिलवाना जरूर याद रखें।
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